श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बारामूला और राजौरी जिलों के लिए यूज्ड वॉटर मैनेजमेंट परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य केंद्र शासित प्रदेश में स्वच्छता ढांचे को मजबूत करना और अपशिष्ट जल से जुड़ी चुनौतियों का समाधान करना है।

मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के अनुसार, “सरकार ने बारामूला के लिए 37.96 करोड़ रुपये और राजौरी के लिए 34.43 करोड़ रुपये की यूज्ड वॉटर मैनेजमेंट परियोजनाओं को मंजूरी दी है, ताकि स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत किया जा सके और अपशिष्ट जल की समस्याओं का समाधान हो सके।”

जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाया जाएगा

सीएमओ ने आगे कहा, “इन परियोजनाओं के जरिए सीवेज का वैज्ञानिक तरीके से उपचार सुनिश्चित किया जाएगा, जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाया जाएगा और लोगों के स्वास्थ्य, स्वच्छता तथा जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार होगा।”

बुनियादी ढांचे और जनसुविधा परियोजनाओं को मंजूरी

इस बीच, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की अध्यक्षता में जम्मू-कश्मीर कैबिनेट ने शुक्रवार को केंद्र शासित प्रदेश में कई अन्य बुनियादी ढांचा और जनसुविधा परियोजनाओं को भी मंजूरी दी। मुख्य फैसलों में जैनाकोट ग्रिड सब स्टेशन की क्षमता 450 एमवीए से बढ़ाकर 780 एमवीए करने को मंजूरी दी गई, जिस पर 67.66 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

कैबिनेट ने श्रीनगर और आसपास के क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था मजबूत करने के लिए 132 केवी पंपोर-रावलपोरा और रावलपोरा-बेमिना ट्रांसमिशन लाइनों के उन्नयन को भी मंजूरी दी। इस परियोजना की अनुमानित लागत 25.47 करोड़ रुपये है।

ट्रांसमिशन क्षमता बढ़ाना, बिजली कटौती कम करना उद्देश्य

मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक, इन परियोजनाओं का उद्देश्य ट्रांसमिशन क्षमता बढ़ाना, बिजली कटौती कम करना और उपभोक्ताओं को अधिक भरोसेमंद बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना है।मंत्रिपरिषद ने श्रीनगर के अचन क्षेत्र में 361 करोड़ रुपये की लागत से 800 टीपीडी क्षमता वाले इंटीग्रेटेड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दी है।

इसके अलावा, श्रीनगर मास्टर प्लान 2035 के तहत बफर जोन प्रतिबंधों में छूट देकर हजरतबल उप-जिला अस्पताल के उन्नयन और निर्माण कार्य को पूरा करने की भी मंजूरी दी गई, ताकि क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाया जा सके।