चेन्नई, तमिलनाडु: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में कथित रूप से अवैध मतदान करने के आरोप में शुक्रवार रात चेन्नई अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर 64 वर्षीय अमेरिकी नागरिक को हिरासत में लिया गया। इस मामले में गिरफ्तार किए गए विदेशी नागरिकों की संख्या अब 18 हो गई है।

गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान किशोर के रूप में हुई है, जो चेन्नई के केके नगर का निवासी है और अमेरिकी पासपोर्ट धारक है। वह रात करीब 10 बजे दुबई के रास्ते अमेरिका जाने के लिए एमिरेट्स की उड़ान पकड़ने वाला था। नियमित इमिग्रेशन जांच के दौरान अधिकारियों ने उसके बाएं हाथ की तर्जनी उंगली पर लगी अमिट स्याही का निशान देखा।

चेन्नई के विरुगमबक्कम विधानसभा क्षेत्र में मतदान किया था

प्रारंभिक पूछताछ में इमिग्रेशन अधिकारियों के अनुसार किशोर ने स्वीकार किया कि उसने चेन्नई के विरुगमबक्कम विधानसभा क्षेत्र में मतदान किया था। भारत में दोहरी नागरिकता की अनुमति नहीं है, इसलिए विदेशी पासपोर्ट रखने वाला व्यक्ति भारतीय चुनावों में मतदान नहीं कर सकता।

मामला सामने आने के बाद किशोर की यात्रा तुरंत रद्द कर दी गई। उसे एयरपोर्ट पर हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए चेन्नई सेंट्रल क्राइम ब्रांच (सीसीबी) पुलिस को सौंप दिया गया।

चुनाव आयोग को खुफिया जानकारी मिली थी

यह गिरफ्तारी चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है। तमिलनाडु की 234 विधानसभा सीटों के लिए 23 अप्रैल को एक चरण में मतदान हुआ था। चुनाव के दौरान चुनाव आयोग को खुफिया जानकारी मिली थी कि विदेशी नागरिकता हासिल कर चुके कई एनआरआई भारत लौटकर अवैध रूप से मतदान कर रहे हैं।

इसके बाद चुनाव आयोग ने चेन्नई और मदुरै जैसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डों पर इमिग्रेशन अधिकारियों को निर्देश दिए कि देश छोड़कर जा रहे भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों की उंगलियों की विशेष जांच की जाए।

पकड़े गए विदेशी नागरिकों की संख्या बढ़कर 18 हुई

किशोर की गिरफ्तारी के साथ चुनाव के बाद विदेश लौटने की कोशिश करते पकड़े गए विदेशी नागरिकों की संख्या बढ़कर 18 हो गई है। एयरपोर्ट पर हो रही सख्त जांच और गिरफ्तारियों के कारण पिछले कुछ दिनों से चेन्नई एयरपोर्ट पर अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के बीच काफी चिंता और हलचल देखी जा रही है।

सेंट्रल क्राइम ब्रांच अधिकारियों ने कहा है कि नागरिकता और चुनाव कानूनों का उल्लंघन करने वाले सभी लोगों के खिलाफ जन प्रतिनिधित्व अधिनियम और भारतीय दंड संहिता के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।