अभिषेक बनर्जी पर हमले का मामला लोकसभा अध्यक्ष तक पहुंचाएगी TMC, कोर्ट का भी लेगी सहारा

By  Preeti Kamal June 1st 2026 02:15 PM -- Updated: June 1st 2026 12:53 PM

कोलकाता, पश्चिम बंगाल: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद अभिषेक बनर्जी शनिवार को हुए कथित हमले के मामले से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को अवगत कराएंगे। पार्टी सूत्रों के अनुसार, अभिषेक बनर्जी इस मामले में अदालत का भी रुख करेंगे।

अभिषेक बनर्जी पर दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में चुनाव बाद हिंसा से प्रभावित परिवारों से मुलाकात के दौरान कथित रूप से ईंट, पत्थर और अंडों से हमला किया गया था। इस हमले में उनकी आंख पर चोट लगी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि हमला "भाजपा प्रायोजित" था और उनकी जान लेने की कोशिश की गई। साथ ही उन्होंने पुलिस पर पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराने का आरोप भी लगाया।

इस मामले में 5 लोगों की हो चुकी है गिरफ्तारी

इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है और उन्हें सोमवार को बारुईपुर अदालत में पेश किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आकाश गयेन, काजल दास, देबाशीष दत्ता, निर्मल्या सेनगुप्ता और तपन माइती के रूप में हुई है। इससे पहले अभिषेक बनर्जी ने हमले को "राजनीतिक हिंसा और राज्य प्रायोजित आतंकवाद" करार दिया था। उन्होंने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा जताई गई चिंता और समर्थन के लिए आभार भी व्यक्त किया।

एकजुट होकर संघर्ष जारी रखेंगे- अभिषेक बनर्जी

सोशल मीडिया पर अभिषेक बनर्जी ने लिखा कि भारत की लोकतांत्रिक संस्थाओं और संविधान में निहित मूल्यों की रक्षा के लिए वे एकजुट होकर संघर्ष जारी रखेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले वर्ष वह ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य के रूप में पांच देशों की यात्रा कर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और आतंकवाद के खिलाफ देश की आवाज को मजबूती से रखा था।

"जो सत्तारूढ़ दल का समर्थन करते हैं, उन्हें देशभक्त कहा जाता है"

अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि जो लोग सत्तारूढ़ दल का समर्थन करते हैं, उन्हें देशभक्त कहा जाता है, जबकि सवाल उठाने वालों को निशाना बनाया जाता है। वहीं भाजपा नेताओं ने भी हमले की निंदा की, लेकिन इसे जनता के गुस्से की अभिव्यक्ति बताया। पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि किसी को भी कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं है, लेकिन जनता वर्षों से परेशानियों का सामना कर रही थी और उसका आक्रोश कहीं न कहीं सामने आना स्वाभाविक था।

नितेश राणे में हमले को जनता की नाराज़गी से जोड़ा

महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे ने भी हमले को टीएमसी शासन के प्रति जनता की नाराजगी से जोड़ते हुए कहा कि लोकतंत्र में जनता ही सर्वोपरि होती है। यह घटनाक्रम पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद सामने आई हिंसा की कई घटनाओं में से एक है। हालिया चुनाव में भाजपा ने पहली बार राज्य में सरकार बनाई, जबकि टीएमसी 80 सीटों तक सीमित रह गई।

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