नई दिल्ली, भारत: केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने रविवार को विपक्षी दलों की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि वे देश की प्रमुख लोकतांत्रिक संस्थाओं को निशाना बना रहे हैं, जो भारतीय लोकतंत्र की मूल भावना पर हमला है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में रिजिजू ने कहा, “सभी विपक्षी दलों ने सरकारी एजेंसियों, ईवीएम, चुनाव आयोग, मीडिया और अब न्यायपालिका पर हमला किया है। वे यह नहीं समझते कि वे भारतीय लोकतंत्र की जड़ों पर प्रहार कर रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि इंतजार करें, भारत की जनता उन्हें करारा जवाब देगी और जिंदगी भर का सबक सिखाएगी।
फलता में 21 मई को होगा दोबारा मतदान
रिजिजू की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब चुनाव आयोग (ECI) ने पश्चिम बंगाल के फलता विधानसभा क्षेत्र के सभी 285 मतदान केंद्रों पर 21 मई को दोबारा मतदान कराने का आदेश दिया है। इससे पहले शनिवार को पश्चिम मग्रहाट और डायमंड हार्बर विधानसभा क्षेत्रों के 15 बूथों पर पुनर्मतदान कराया गया था।
लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बाधा के कारण लिया निर्णय
ECI के अनुसार, 29 अप्रैल को बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों पर गंभीर चुनावी अनियमितताओं और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बाधा के कारण फलता में दोबारा मतदान का निर्णय लिया गया। इससे पहले, भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल से मिला। वहीं टीएमसी नेता कुनाल घोष ने नेताजी इंडोर स्टेडियम का दौरा किया, जहां ईवीएम से जुड़े स्ट्रॉन्ग रूम स्थित हैं।
"मतगणना हॉल में नियमों का सख्ती से पालन होना चाहिए"
मणिकतला विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार तापस रॉय, जो प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थे उन्होंने कहा कि मतगणना हॉल में राष्ट्रीय और राज्य दलों के प्रतिनिधियों की बैठने की व्यवस्था से जुड़े चुनाव आयोग के नियमों का सख्ती से पालन होना चाहिए।
भाजपा उम्मीदवार ने बताए तीन अहम मुद्दे
भाजपा उम्मीदवार ने कहा, “हम तीन मुद्दों को लेकर आए हैं। बर्दवान में लोग बाहर से इमारत पर चढ़कर पांचवीं मंजिल तक पहुंच रहे थे, तब सीएपीएफ और जिला पुलिस क्या कर रही थी? दूसरा, पिंगला और दासपुर में अस्थायी कर्मचारियों को ऐसी ड्यूटी दी जा रही है, जो उन्हें नहीं दी जानी चाहिए। तीसरा, मतगणना हॉल में बैठने के नियमों का सख्ती से पालन होना चाहिए।”
फलता विधानसभा क्षेत्र में हुई है गड़बड़ी
इसके अलावा तापस रॉय ने आरोप लगाया कि फलता जैसी घटनाओं के कारण अभिषेक बनर्जी ने डायमंड हार्बर में 7 लाख 11 हजार वोटों के अंतर से जीत हासिल की। आज भी फलता में ऐसी घटनाएं हो रही हैं, जो नहीं होनी चाहिए थीं। लोगों को मतदान से रोका गया, हिंदू गांवों में हमारी माताओं और बहनों को विरोध करना पड़ा।