TMC नेताओं पर हमलों के विरोध में सड़क पर उतरीं ममता बनर्जी, बोलीं- ‘डराने से नहीं झुकेगी पार्टी’
कोलकाता में विरोध प्रदर्शन के जरिए TMC का शक्ति प्रदर्शन, ममता ने केंद्र पर साधा निशाना और आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी ।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी एक बार फिर सड़क पर उतरकर अपनी पार्टी के नेताओं के समर्थन में खड़ी नजर आईं। कोलकाता के ऐतिहासिक रानी रश्मोनी एवेन्यू में आयोजित विरोध प्रदर्शन में शामिल होकर उन्होंने पार्टी नेताओं पर कथित हमलों और राजनीतिक उत्पीड़न के खिलाफ मोर्चा खोला। इस प्रदर्शन में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता, सांसद, विधायक और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि हाल के दिनों में उसके कई नेताओं को राजनीतिक कारणों से निशाना बनाया गया है। पार्टी का कहना है कि विपक्षी दलों और कुछ संस्थाओं द्वारा उसके नेताओं पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। इसी मुद्दे को लेकर TMC ने राज्यव्यापी विरोध अभियान शुरू किया है।
अंबेडकर को श्रद्धांजलि के बाद प्रदर्शन में पहुंचीं ममता
विरोध कार्यक्रम से पहले ममता बनर्जी ने पार्टी नेताओं के साथ भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद वह सीधे रानी रश्मोनी एवेन्यू पहुंचीं और प्रदर्शन में हिस्सा लिया। मंच से संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के नेताओं को लगातार परेशान किया जा रहा है और उन्हें राजनीतिक रूप से कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि उन्होंने दावा किया कि ऐसे प्रयासों से तृणमूल कांग्रेस और अधिक मजबूत होकर उभरेगी।
अभिषेक और कल्याण बनर्जी के मुद्दे पर गरमाई राजनीति
TMC के विरोध प्रदर्शन की मुख्य वजह पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी और सांसद कल्याण बनर्जी से जुड़ी हालिया घटनाएं हैं। अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया था कि दक्षिण 24 परगना के दौरे के दौरान उन पर ईंट, पत्थर और अंडों से हमला किया गया, जिससे उन्हें चोट भी लगी।
वहीं सांसद कल्याण बनर्जी ने भी दावा किया कि ज्ञापन सौंपने के दौरान उन पर हमला करने की कोशिश की गई। इन घटनाओं के बाद पार्टी ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताते हुए विरोध प्रदर्शन का फैसला किया।
ममता का केंद्र पर हमला
प्रदर्शन के दौरान ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों को दबाने और उनकी आवाज को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से कार्रवाई की जा रही है, जो लोकतंत्र की भावना के विपरीत है।
ममता ने कहा कि कुछ नेताओं या जनप्रतिनिधियों को डराकर कोई भी पार्टी को कमजोर नहीं कर सकता। उन्होंने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस की ताकत उसके कार्यकर्ताओं और जनता के समर्थन में है।
दिल्ली तक ले जा सकती हैं आंदोलन
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संकेत दिए कि यदि पार्टी को अपनी बात रखने का अवसर नहीं मिला तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर पार्टी अपना विरोध प्रदर्शन राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली तक ले जाएगी।
ममता ने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा और पार्टी पीछे हटने वाली नहीं है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखने की अपील भी की।
बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी
इस विरोध प्रदर्शन के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। आगामी चुनावी समीकरणों और राजनीतिक गतिविधियों के बीच TMC का यह प्रदर्शन शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी अपने नेताओं पर हुए कथित हमलों के मुद्दे को जन आंदोलन का रूप देने की कोशिश कर रही है। वहीं विपक्ष इन आरोपों को राजनीतिक रणनीति बता रहा है।
फिलहाल, TMC और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा बंगाल की राजनीति में और अधिक गर्मा सकता है।