पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में मंगलवार को एक बड़ा हादसा हो गया। शहर के तारातला थाना क्षेत्र स्थित ट्रांसपोर्ट डिपो रोड पर एक निर्माणाधीन गोदाम की छत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के समय वहां बड़ी संख्या में मजदूर निर्माण कार्य में लगे हुए थे। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू कर दिया गया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, छत गिरने के बाद कई मजदूर मलबे और लोहे के ढांचे के नीचे फंस गए। स्थानीय लोगों ने सबसे पहले बचाव अभियान शुरू किया और मलबे में दबे लोगों को निकालने का प्रयास किया। बाद में पुलिस, दमकल विभाग, आपदा प्रबंधन समूह और सिविल डिफेंस की टीमें मौके पर पहुंचीं और बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
अचानक गिरी छत, मची अफरा-तफरी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, निर्माण कार्य सामान्य रूप से चल रहा था तभी अचानक तेज आवाज के साथ गोदाम की छत का एक बड़ा हिस्सा गिर पड़ा। हादसे के बाद धूल का गुबार पूरे इलाके में फैल गया और मजदूरों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि घटना इतनी अचानक हुई कि कई मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। कुछ मजदूर समय रहते बाहर निकलने में सफल रहे, जबकि कई अन्य मलबे के नीचे दब गए।
Kolkata, West Bengal: Several people are feared trapped under the debris after a structure of a godown collapsed in the Taratala area of Kolkata. Rescue operations are underway at the spot(Visuals from the spot) pic.twitter.com/Ql58UUmp1I
— IANS (@ians_india) June 24, 2026
40 से 45 लोगों के फंसे होने की आशंका
राहत एजेंसियों को आशंका है कि मलबे के नीचे अभी भी बड़ी संख्या में लोग फंसे हो सकते हैं। शुरुआती अनुमान के अनुसार 40 से 45 मजदूर हादसे की चपेट में आए हैं। हालांकि प्रशासन ने अभी तक आधिकारिक तौर पर फंसे लोगों की सटीक संख्या की पुष्टि नहीं की है।
अब तक कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। गंभीर रूप से घायल मजदूरों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों की टीम लगातार घायलों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
युद्धस्तर पर चल रहा रेस्क्यू ऑपरेशन
कोलकाता पुलिस ने बताया कि राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। मलबा हटाने के लिए भारी मशीनों, क्रेन और अन्य उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है। गिरी हुई लोहे की बीम और निर्माण सामग्री को हटाकर अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
सिविल डिफेंस, डिजास्टर मैनेजमेंट ग्रुप और दमकल विभाग की टीमें संयुक्त रूप से अभियान चला रही हैं। मौके पर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद हैं और पूरे अभियान की निगरानी कर रहे हैं।
प्रशासन ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
हादसे के बाद राज्य प्रशासन ने लोगों की सहायता के लिए कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिया है। परिजनों और नागरिकों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।
हादसे के कारणों की होगी जांच
फिलहाल दुर्घटना के कारणों का पता नहीं चल पाया है। शुरुआती तौर पर निर्माण कार्य की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों और संरचनात्मक मजबूती की जांच की जा रही है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
कोलकाता का यह हादसा एक बार फिर निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। फिलहाल सभी की निगाहें रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी हैं और उम्मीद की जा रही है कि मलबे में फंसे लोगों को जल्द सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाएगा।
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