कोलकाता, पश्चिम बंगाल: पश्चिम बंगाल की राजनीति में जारी उथल-पुथल के बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने मंगलवार को अपने आठ वरिष्ठ नेताओं को पार्टी से निष्कासित कर दिया। पार्टी से निकाले गए नेताओं में जावेद अहमद खान, फीरहाद हकीम, अरूप रॉय, रथीन घोष, बिप्लब मित्रा, सबीना यासमीन, अरूप बिस्वास और स्नेहाशीष चक्रवर्ती शामिल हैं।
इससे पहले दिन में ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC) ने इन नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए आरोप लगाया था कि उन्होंने जानबूझकर पार्टी विरोधी गतिविधियों में हिस्सा लिया।
पार्टी में लगातार बढ़ रहा गतिरोध
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब पार्टी के भीतर संगठनात्मक विवाद गहराता जा रहा है। सोमवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले एक बागी गुट ने ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस कमेटी की नई नेतृत्व संरचना की घोषणा की थी और अरूप रॉय को उसका अध्यक्ष नियुक्त किया था।
New TMC has removed Mamata Banerjee from Chairman post.Aroop Roy is the new Chairman.Abhishek Banerjee has been expelled from the party. @MamataOfficial @AITC_Parliament pic.twitter.com/jzKDOrd1CH
— Sambit Parida | ସମ୍ୱିତ୍ ପରିଡା଼ (@sambitkparida) June 22, 2026
अरूप रॉय को ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस का अध्यक्ष चुना गया
बागी गुट ने 30 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यकारी समिति (NWC) के गठन का भी ऐलान किया था। साथ ही उन्होंने दोहराया कि वे पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पार्टी में मार्गदर्शक और संरक्षक की भूमिका में देखना चाहते हैं। सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में ऋतब्रत बनर्जी ने कहा था कि विशेष अधिवेशन के दौरान प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से अरूप रॉय को ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस का अध्यक्ष चुना है।
उन्होंने बताया था कि 30 सदस्यीय समिति में फीरहाद हकीम, अरूप बिस्वास, रथीन घोष, सबीना यासमीन, जावेद खान, संदीपन साहा सहित कई नेता शामिल हैं। वहीं फीरहाद हकीम, अरूप बिस्वास, रथीन घोष और सबीना यासमीन को उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया था।
ममता बनर्जी की भूमिका को लेकर रुख स्पष्ट है
ऋतब्रत बनर्जी ने यह भी कहा था कि आने वाले दिनों में जिला अध्यक्षों और जिला समितियों का भी गठन किया जाएगा। उन्होंने कहा, "हम पहले भी ममता बनर्जी की भूमिका को लेकर अपना रुख स्पष्ट कर चुके हैं। हम चाहते हैं कि 'दीदी' पार्टी में मार्गदर्शक और संरक्षक की जिम्मेदारी संभालें।"
बाद में ममता बनर्जी की अध्यक्षता में हुई राष्ट्रीय कार्यकारी समिति की बैठक पर प्रतिक्रिया देते हुए पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी ने प्रतिद्वंद्वी गुट द्वारा लिए गए फैसलों की वैधता पर सवाल उठाए। TMC की इस कार्रवाई ने राज्य की राजनीति में हलचल तेज कर दी है और पार्टी के भीतर बढ़ते मतभेदों को खुलकर सामने ला दिया है।
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