कोलकाता, पश्चिम बंगाल: भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर मंगलवार को पश्चिम बंगाल भाजपा नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। राज्य मंत्री अग्निमित्रा पॉल और भाजपा राज्यसभा सांसद राहुल सिन्हा ने कोलकाता में पुष्पांजलि अर्पित की।
मीडिया से बातचीत में अग्निमित्रा पॉल ने पूर्व राज्य सरकारों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पहले श्यामा प्रसाद मुखर्जी को लेकर कार्यक्रम आयोजित करने और उनकी विरासत को आगे बढ़ाने में भय का माहौल था।
#WATCH | Kolkata: On the death anniversary of Dr Syama Prasad Mookerjee, West Bengal Chief Minister Suvendu Adhikari says, "Today is 'Balidan Diwas'. Everyone is aware of Dr Syama Prasad Mukherjee's immense contributions. He was a nationalist and was instrumental in the very… pic.twitter.com/sB1unSBjls
— ANI (@ANI) June 23, 2026
'डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की तस्वीरों पर कालिख तक पोती जाती थी'
अग्निमित्रा पॉल ने कहा, "इतने वर्षों तक हम इस दिन को ठीक से मना भी नहीं पाए, अगली पीढ़ी को उनके बारे में बताना तो दूर की बात थी। ऐसा माहौल था कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की तस्वीरों पर कालिख तक पोती जाती थी। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की बदौलत आज यह दिन मनाया और याद किया जा रहा है। बंगाल और पूरे भारत ही नहीं बल्कि दुनिया को भी यह पता होना चाहिए कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बंगाल, कश्मीर, उद्योग और पूरे देश के लिए कितना बड़ा योगदान रहा है।"
#WATCH | Kolkata: West Bengal Minister Agnimitra Paul pays floral tribute to Dr Syama Prasad Mookerjee, on his death anniversary. pic.twitter.com/NEPFKq969m
— ANI (@ANI) June 23, 2026
अग्निमित्रा पॉल ने की भाजपा सरकार के बजट की तारीफ
अग्निमित्रा पॉल ने राज्य की पहली भाजपा सरकार के बजट की भी सराहना की और आरोप लगाया कि पूर्व सरकारों ने उत्तर बंगाल की उपेक्षा की क्योंकि वहां तृणमूल कांग्रेस को अपेक्षित समर्थन नहीं मिला था। उन्होंने कहा, "शुभेंदु अधिकारी सरकार के लिए बंगाल का हर नागरिक समान है। लेकिन पिछली सरकार में किसी क्षेत्र को मिलने वाले लाभ का निर्धारण इस आधार पर होता था कि वहां से कितने वोट मिले। उत्तर बंगाल ने तृणमूल कांग्रेस को वोट नहीं दिया, इसलिए उसे लाभ नहीं मिला। हमारे लिए उत्तर बंगाल और वहां के लोग बेहद महत्वपूर्ण हैं।"
श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर राज्य अवकाश घोषित करने की घोषणा
बजट में भाजपा सरकार ने वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक संग्रहालय स्थापित करने और 6 जुलाई को श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर राज्य अवकाश घोषित करने की घोषणा की है।
इस बीच, दिल्ली में केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और अन्य भाजपा नेताओं ने भी श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि अर्पित की। दिल्ली सरकार में मंत्री पंकज सिंह ने कहा, "हमें उस महान व्यक्तित्व को श्रद्धांजलि देने का सौभाग्य मिला, जिन्होंने देश के लिए बलिदान दिया और राष्ट्र को दिशा प्रदान की।"
21 अक्टूबर 1951 को भारतीय जनसंघ की हुई स्थापना
श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने 21 अक्टूबर 1951 को भारतीय जनसंघ की स्थापना की थी। स्वतंत्रता पूर्व भारत की राजनीति में उनका महत्वपूर्ण स्थान था। वे फजलुल हक के नेतृत्व वाली प्रोग्रेसिव कोएलिशन सरकार में वित्त मंत्री भी रहे थे। बाद में वे हिंदू महासभा से जुड़े, लेकिन महात्मा गांधी की हत्या के वर्ष उन्होंने संगठन छोड़ दिया।
स्वतंत्रता के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने उन्हें अंतरिम केंद्र सरकार में उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री बनाया था। वे भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 के प्रखर विरोधी थे, जिसे बाद में वर्ष 2019 में भाजपा सरकार ने निरस्त कर दिया था। 23 जून 1953 को कश्मीर में उनका निधन हो गया था।
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