महाराष्ट्र के पुणे से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड की यादें ताजा कर दी हैं। पहले जिस घटना को एक दर्दनाक हादसा माना जा रहा था, अब वही मामला कथित तौर पर सुनियोजित हत्या की जांच में बदल गया है। पुणे के युवा कारोबारी केतन विशाल अग्रवाल की लोहगढ़ किले की गहरी खाई में गिरने से हुई मौत के मामले में पुलिस ने उनकी मंगेतर और उसके एक करीबी पुरुष मित्र को हिरासत में लिया है।

26 वर्षीय केतन अग्रवाल की इसी वर्ष नवंबर में शादी होने वाली थी। परिवार शादी की तैयारियों में जुटा हुआ था और बताया जाता है कि समारोह को भव्य बनाने के लिए राजस्थान के उदयपुर में एक आलीशान महल भी बुक किया गया था। इसके अलावा मेहमानों के लिए विशेष उड़ानों की व्यवस्था की भी योजना बनाई गई थी। लेकिन शादी से कुछ महीने पहले ही घटी इस घटना ने दोनों परिवारों को सदमे में डाल दिया।

जन्मदिन के जश्न के दौरान हुई घटना

जानकारी के अनुसार, 18 जून को केतन अपना जन्मदिन मनाने के लिए अपनी मंगेतर और दोस्तों के साथ पुणे के प्रसिद्ध लोहगढ़ किले पर गए थे। यह स्थान ट्रैकिंग और पर्यटन के लिए काफी लोकप्रिय माना जाता है। बताया गया कि किले पर घूमने और तस्वीरें लेने के दौरान केतन अचानक गहरी खाई में गिर गए।

शुरुआती जांच में माना गया कि तेज हवाओं और फिसलन के कारण उनका संतुलन बिगड़ गया होगा। रेस्क्यू टीम ने काफी प्रयासों के बाद उन्हें खाई से बाहर निकाला, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

जांच में आया नया मोड़

घटना के बाद पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की। घटनास्थल का निरीक्षण, मोबाइल फोन डेटा, कॉल रिकॉर्ड और मौके पर मौजूद लोगों के बयानों का विश्लेषण करने के बाद जांच अधिकारियों को कई संदिग्ध तथ्य मिले।

पुलिस को यह आशंका हुई कि यह कोई सामान्य दुर्घटना नहीं थी। जांच में सामने आए कुछ तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस का संदेह मंगेतर और उसके एक पुरुष मित्र पर गया। इसके बाद दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई।

क्या थी कथित साजिश?

पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि केतन की मंगेतर इस शादी से खुश नहीं थी और वह विवाह नहीं करना चाहती थी। इसी वजह से उसने कथित रूप से अपने एक करीबी मित्र के साथ मिलकर केतन को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कथित योजना कब बनाई गई, इसमें और कौन-कौन शामिल था तथा घटना के दिन क्या परिस्थितियां थीं। हालांकि पुलिस ने अभी तक अंतिम निष्कर्ष घोषित नहीं किया है और मामले की जांच जारी है।

करोड़ों की शादी, लेकिन मातम में बदली खुशियां

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों परिवार विवाह को बेहद भव्य तरीके से आयोजित करने की तैयारी कर रहे थे। उदयपुर में करोड़ों रुपये के खर्च से समारोह आयोजित करने की योजना थी। परिवार के करीबी लोगों के अनुसार शादी की तैयारियां कई महीनों से चल रही थीं।

लेकिन अचानक हुई इस घटना ने पूरे परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। केतन के परिजनों का कहना है कि उन्हें शुरुआत से ही घटना पर संदेह था और अब पुलिस जांच में सामने आ रहे तथ्यों ने उनके शक को और मजबूत कर दिया है।

पुलिस की जांच जारी

पुणे पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। हिरासत में लिए गए लोगों से लगातार पूछताछ की जा रही है और डिजिटल व फॉरेंसिक साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।

अधिकारियों के अनुसार, आने वाले दिनों में इस मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल पुलिस का पूरा ध्यान घटना के पीछे की वास्तविक सच्चाई और संभावित मकसद को सामने लाने पर है।

यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि जिन रिश्तों की नींव भरोसे पर टिकी होती है, उनमें यदि धोखे और साजिश की आशंका जुड़ जाए तो उसके परिणाम कितने भयावह हो सकते हैं। अब सभी की नजर पुणे पुलिस की आगे की जांच और उसके निष्कर्षों पर टिकी हुई है।