मुंबई, महाराष्ट्र: शिवसेना (UBT) के विधायक आदित्य ठाकरे ने सोमवार को भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पार्टी संविधान में बदलाव के लिए पर्याप्त संख्या जुटाने की कोशिश में शिवसेना (UBT) के सांसदों और विधायकों को तोड़ रही है। मुंबई में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए आदित्य ठाकरे ने कहा, “आज वे हमारे सांसदों और विधायकों को तोड़ रहे हैं क्योंकि वे बाबा साहेब आंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान को बदलना चाहते हैं।

वर्ष 2024 में मतदाताओं ने उन्हें रोक दिया था और उन्हें केवल 240 सांसद मिले थे, लेकिन अब वे फिर से पार्टियां तोड़कर वही कोशिश कर रहे हैं। उनका मुख्य मकसद संविधान बदलना है।” उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब शिवसेना (UBT) कथित ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर राजनीतिक संकट का सामना कर रही है। माना जा रहा है कि इस अभियान के तहत पार्टी के कई सांसद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट में शामिल हो सकते हैं।

आदित्य ठाकरे ने की अटकलों से घिरे सांसदों की आलोचना

आदित्य ठाकरे ने पार्टी छोड़ने की अटकलों में घिरे सांसदों की आलोचना करते हुए कहा कि वे महाविकास आघाड़ी (एमवीए) के संयुक्त प्रयासों की बदौलत चुने गए थे। उन्होंने कहा, “ये सभी लोग शिवसेना (UBT) और महाविकास आघाड़ी के सहयोगी दलों की मदद से चुने गए थे, लेकिन अब वे जनता के जनादेश के खिलाफ दूसरी तरफ जा रहे हैं।”

उन्होंने दावा किया कि इन लोकसभा क्षेत्रों के मतदाताओं ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की विचारधारा को खारिज किया था, लेकिन संबंधित सांसद अब उसी गठबंधन का समर्थन करने जा रहे हैं। भाजपा नीत सरकार पर निशाना साधते हुए आदित्य ठाकरे ने कहा, “भाजपा देश में दंगे करा सकती है, माहौल बिगाड़ सकती है और प्रचार कर सकती है, लेकिन एक बात तय है कि भाजपा को शासन करना नहीं आता। हम यह मुंबई की बीएमसी और पुणे की पीएमसी में देख रहे हैं।”

आदित्य ठाकरे ने सरकार पर लगाए कई गंभीर आरोप

आदित्य ठाकरे ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार राजनीतिक जोड़तोड़ के लिए सार्वजनिक संसाधनों का दुरुपयोग कर रही है। आदित्य ठाकरे ने कहा, “इन लोगों के पास कर्मचारियों के वेतन और कल्याणकारी योजनाओं के लिए पैसे नहीं हैं, लेकिन सांसदों को खरीदने के लिए पैसे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “मेरे हिसाब से असली शिवसेना सिर्फ हमारी है, यानी शिवसेना (UBT)। बाकी सब भाजपा की जगह है, शिवसेना शिंदे वगैरह नहीं।”

राजनीतिक विवाद तब और बढ़ गया जब गुरुवार को नई दिल्ली में हुई पार्टी की संसदीय बैठक में नौ में से केवल तीन लोकसभा सांसद ही शामिल हुए। बैठक में अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ वाजे उपस्थित रहे, जबकि छह सांसद अनुपस्थित रहे। शिवसेना (UBT) के नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने पहले ही कहा था कि अनुपस्थित सांसदों की अयोग्यता की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

चंद्रकांत रघुवंशी के दावे के बाद बदली सियासत

इस राजनीतिक घटनाक्रम को और बल तब मिला जब शिवसेना विधान परिषद सदस्य चंद्रकांत रघुवंशी ने दावा किया कि शिवसेना (UBT) के छह सांसदों ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर विश्वास जताते हुए उनके गुट का समर्थन किया है। सूत्रों के अनुसार, जिन सांसदों की अनुपस्थिति के बाद अटकलें तेज हुईं, उनमें नागेश आष्टीकर, संजय देशमुख, संजय जाधव, संजय दीना पाटिल, ओमप्रकाश राजे निंबालकर और भाऊसाहेब वाकचौरे शामिल हैं। वहीं, पार्टी की संसदीय बैठक में अरविंद सावंत, अनिल देसाई, राजाभाऊ वाजे और संजय राउत मौजूद रहे।