उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपने बेबाक बयानों के लिए चर्चित रहने वाले पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं। इस बार उन्होंने राम मंदिर और उससे जुड़ी एक घटना का जिक्र करते हुए ऐसा बयान दिया है, जिसने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है।
एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान स्वामी प्रसाद मौर्य ने कथित तौर पर राम मंदिर से जुड़ी चोरी की घटनाओं का उल्लेख करते हुए सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि मंदिर से करोड़ों रुपये मूल्य की वस्तुएं चोरी हो सकती हैं और दोषियों को तत्काल दंड नहीं मिलता, तो यह कई गंभीर प्रश्न खड़े करता है। उनके इस बयान को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं।
करोड़ो, करोड़ो रुपया लुटेरे लुट ले गए, राम के मंदिर से लुट ले गए, राम के दरबार से लुट ले गए, चांदी और सोना भी उड़ा ले गए लेकिन ओ भगवान राम उन लुटेरो को सजा नहीं दे पाया । तो आप का भला क्या कर सकता है ? जो अपने मन्दिर की रक्षा नहीं कर सकता ओ आप की रक्षा क्या कर सकता है ? सवाल… pic.twitter.com/hLw6PDF92V
— Swami Prasad Maurya (@SwamiPMaurya) June 24, 2026
मौर्य ने अपने संबोधन में धार्मिक आस्था, सामाजिक सोच और जनविश्वास से जुड़े मुद्दों पर टिप्पणी की। उनके बयान का एक हिस्सा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद समर्थकों और विरोधियों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। कुछ लोगों ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के दायरे में बताया, जबकि कई संगठनों ने इसे करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाओं से जुड़ा संवेदनशील विषय करार दिया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि स्वामी प्रसाद मौर्य लंबे समय से धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर मुखर राय रखते आए हैं। उनके कई पुराने बयान भी चर्चा और विवाद का कारण बन चुके हैं। ऐसे में उनका यह नया बयान भी राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बन गया है।
विपक्षी दलों और विभिन्न संगठनों की ओर से बयान पर प्रतिक्रिया दी जा रही है। कुछ नेताओं ने कहा कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े व्यक्तियों को संवेदनशील विषयों पर बोलते समय संयम बरतना चाहिए, जबकि अन्य ने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था में विचार व्यक्त करने का अधिकार बताया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी यह मुद्दा ट्रेंड करने लगा है। हजारों लोग अपने-अपने विचार साझा कर रहे हैं। कुछ लोग मौर्य के तर्कों का समर्थन कर रहे हैं तो कुछ उनके बयान की आलोचना कर रहे हैं।
फिलहाल इस बयान को लेकर राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है और आने वाले दिनों में इस पर और प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं। हालांकि अभी तक इस बयान के संबंध में किसी आधिकारिक कानूनी कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है। लेकिन यह स्पष्ट है कि स्वामी प्रसाद मौर्य का यह बयान एक बार फिर उत्तर प्रदेश की राजनीति में चर्चा का केंद्र बन गया है।
Add GTC Bharat on Google