फलता में पुनर्मतदान पर TMC सांसद सौगत रॉय का हमला, बोले—‘यह फैसला ठीक नहीं’
कोलकाता, पश्चिम बंगाल: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद सौगत रॉय ने रविवार को फलता विधानसभा क्षेत्र में पुनर्मतदान कराने के फैसले की आलोचना करते हुए इसे “संतोषजनक नहीं” बताया और सवाल उठाया कि केवल एक ही सीट को अलग क्यों किया गया।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए रॉय ने मीडिया से कहा, “हमारे अनुसार यह अच्छा फैसला नहीं है। केवल फलता को ही अलग क्यों किया गया और वहां दोबारा चुनाव क्यों हो रहा है, यह हमें स्पष्ट नहीं है... जब चुनाव होंगे, हम उसमें भाग लेंगे।”
गड़बड़ियों के चलते पुनर्मतदान का आदेश
चुनाव आयोग (ECI) के अनुसार, 29 अप्रैल को बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों पर गंभीर चुनावी अनियमितताओं और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बाधा को देखते हुए फलता में पुनर्मतदान कराने का निर्देश दिया गया है।
भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने निर्वाचन अधिकारी से की मुलाकात
इससे पहले शनिवार को भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल से मिला। वहीं TMC नेताकुणाल घोष ने नेताजी इंडोर स्टेडियम का दौरा किया, जहां ईवीएम से जुड़े स्ट्रॉन्ग रूम स्थित हैं।
मणिकतला विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार तपस रॉय, जो इस प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थे, ने कहा कि मतगणना हॉल में राष्ट्रीय और राज्य दलों के प्रतिनिधियों की बैठने की व्यवस्था से जुड़े चुनाव आयोग के नियमों का सख्ती से पालन होना चाहिए।
भाजपा उम्मीदवार ने बताए तीन मुद्दे
भाजपा उम्मीदवार ने कहा, “हम तीन मुद्दों को लेकर आए हैं। बर्दवान में लोग बाहर से इमारत पर चढ़कर पांचवीं मंजिल तक पहुंच रहे थे, तब CAPF और जिला पुलिस क्या कर रही थी? दूसरा, पिंगला और दासपुर में अस्थायी कर्मचारियों को ऐसी ड्यूटी दी जा रही है, जो उन्हें नहीं दी जानी चाहिए। तीसरा, मतगणना हॉल में बैठने के नियमों का सख्ती से पालन होना चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा, “फलता जैसी घटनाओं के कारण अभिषेक बनर्जी ने डायमंड हार्बर में 7 लाख 11 हजार वोटों के अंतर से जीत हासिल की। आज भी फलता में ऐसी घटनाएं हो रही हैं, जो नहीं होनी चाहिए थीं। लोगों को मतदान से रोका गया, हिंदू गांवों में हमारी माताओं और बहनों को विरोध करना पड़ा।