'न पढ़ाई, न कमाई, न दवाई, न सिंचाई': पीएम मोदी का TMC सरकार पर बड़ा हमला

By  Preeti Kamal April 19th 2026 06:43 PM

झाड़ग्राम, पश्चिम बंगाल: चुनावी राज्य पश्चिम बंगाल के आदिवासी बहुल झाड़ग्राम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर आदिवासी और महिला विरोधी होने का आरोप लगाया और कहा कि सरकार ने स्थानीय समस्याओं, जैसे अवैध भूमि कब्जों को नजरअंदाज किया है। झाड़ग्राम में विजय संकल्प सभा को संबोधित करते हुए, जो राज्य में उनकी तीसरी रैली थी, प्रधानमंत्री ने टीएमसी को सत्ता से हटाने की अपील की।

उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी “घुसपैठियों की सरकार” बनाना चाहती है, जिससे राज्य की सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान पर असर पड़ेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि टीएमसी शासन में बंगाल की महिलाओं को उनके अधिकार, सुरक्षा और आर्थिक अवसरों से वंचित रखा गया है, जबकि महिलाओं का सशक्तिकरण भाजपा की प्राथमिकता है।

PM मोदी ने की टीएमसी सरकार की कड़ी निंदा

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “आपने 15 साल निर्दयी टीएमसी सरकार को दिए। इन 15 वर्षों में इस सरकार ने आपको क्या दिया? आदिवासी क्षेत्रों को क्या मिला? न पढ़ाई, न कमाई, न दवाई, न सिंचाई… अगर आपको छोटा सा घर भी बनाना है तो टीएमसी सिंडिकेट पर निर्भर रहना पड़ता है। चाहे सांसद हो या विधायक, उन्हें आपकी समस्याओं से कोई मतलब नहीं। ये लोग सिर्फ अपनी तिजोरियां भरने में लगे हैं। यहां टीएमसी ने सैकड़ों एकड़ आदिवासी जमीन पर कब्जा किया है।”

जनता से की बीजेपी के हक में मतदान की अपील

प्रधानमंत्री ने राज्य के मतदाताओं से “मोदी को एक अवसर” देने की अपील की। “आपने दिल्ली में भाजपा को सत्ता दी है, अब यहां भी भाजपा का मुख्यमंत्री बनाइए। उन्होंने कहा, "मैं गारंटी देता हूं कि यहां भी पर्याप्त बिजली मिलेगी और आप ऊंचे बिजली बिलों से मुक्त होंगे।"

‘पलटनो दोरकार’ का लिया संकल्प

उन्होंने कहा, “टीएमसी घुसपैठियों की सरकार बनाना चाहती है। यह सरकार घुसपैठियों की रक्षा करेगी और उनके लिए काम करेगी। बंगाल के हर क्षेत्र में लोग ‘पलटनो दोरकार’ (बदलाव जरूरी है) का संकल्प ले चुके हैं।” पश्चिम बंगाल में बिरहोर, टोटो और लोधा जैसे विशेष रूप से कमजोर आदिवासी समूह रहते हैं और केंद्र सरकार ने पीएम जनमन योजना के माध्यम से उनके विकास के लिए कदम उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार इस योजना को लागू नहीं होने दे रही है।

टीएमसी के सत्ता से हटते ही मिलेगा सभी को लाभ

इसके आगे उन्होंने कहा कि टीएमसी सरकार ने इस योजना के कार्यान्वयन की अनुमति नहीं दी है। जैसे ही टीएमसी सरकार हटेगी, सभी पात्र लाभार्थियों को इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र ने बंगाली भाषा को उचित सम्मान दिया है और संथाली भाषा को आधिकारिक दर्जा दिया है।

बंगाल की सांस्कृतिक धरोहर पर खतरा- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह चुनाव बंगाल की समृद्ध विरासत और पहचान की रक्षा का चुनाव है। आज बंगाल की पहचान और सांस्कृतिक धरोहर पर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले केंद्र की कांग्रेस सरकार में टीएमसी भी साझेदार थी और उस समय केवल 8-10 लघु वन उपज पर ही एमएसपी मिलता था, जबकि अब करीब 100 पर मिलता है। हालांकि, यह लाभ भी टीएमसी सरकार में लोगों तक नहीं पहुंच रहा है।

'बिजली नहीं आती, लेकिन बिल ज्यादा आता है'

प्रधानमंत्री मोदी ने बिजली की समस्या पर भी टीएमसी पर निशाना साधा और कहा कि लोगों को लंबे समय तक बिजली नहीं मिलती, लेकिन बिल बहुत ज्यादा आते हैं। महिला आरक्षण के मुद्दे पर टीएमसी पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि महिला विरोधी टीएमसी को अब सत्ता से हटाना होगा। बंगाल की बहनों को उनके अधिकार, सुरक्षा और रोजगार के अवसर मिलने चाहिए, और यह भाजपा की प्राथमिकता है।

टीएमसी ने माताओं के साथ विश्वासघात किया है- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा ने 2029 से महिलाओं को आरक्षण का लाभ देने की कोशिश की, लेकिन टीएमसी ने संसद में इसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि टीएमसी ‘मां, माटी, मानुष’ के नाम पर सत्ता में आई थी, लेकिन उसने माताओं के साथ विश्वासघात किया है। अंत में उन्होंने  कहा कि भाजपा विकास और विरासत दोनों के प्रति समर्पित है और बंगाल की संस्कृति को संरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

23 और 29 अप्रैल को मतदान, 4 मई को होगी मतगणना

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में होंगे और मतगणना 4 मई को होगी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चौथी बार सत्ता में लौटने की कोशिश कर रही हैं, जबकि भाजपा राज्य में सरकार बनाने के लिए जोर लगा रही है।

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