ईरान समझौते पर ट्रंप का बड़ा बयान, बोले- 'अब अगला चरण होगा आसान'
एवियन, फ्रांस: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ हुए शांति समझौते के बाद अगले चरण की वार्ता को लेकर आशावाद जताया है। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ बातचीत का दूसरा चरण पहले की तुलना में "और आसान" होगा। साथ ही उन्होंने उन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया जा रहा था कि अमरीका समझौते के तहत ईरान को आर्थिक सहायता देगा।
फ्रांस के एवियन में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी के साथ द्विपक्षीय बैठक में ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ समझौता लगभग पूरा हो चुका है और इसके सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। उन्होंने कहा, "ईरान के साथ हमारा समझौता हो चुका है और यह सफल होना चाहिए। अब यह दूसरे चरण में जाएगा, जो मुझे लगता है कि वास्तव में अधिक आसान होगा।"
"मैं पिछले सप्ताह हमला नहीं करना चाहता था"
ट्रंप ने हाल के सैन्य अभियानों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी इच्छा सैन्य कार्रवाई से बचने की थी, लेकिन परिस्थितियों ने ऐसा करने के लिए मजबूर कर दिया। उन्होंने कहा, "मैं पिछले सप्ताह हमला नहीं करना चाहता था, लेकिन हमारे पास कोई दूसरा विकल्प नहीं था। हमने कार्रवाई की और अब हम ऐसी स्थिति में हैं जहां आगे इसकी जरूरत नहीं पड़नी चाहिए। हमारे पास एक निष्पक्ष और अच्छा समझौता है।"
ईरान में निवेश और वित्तीय सहायता से ट्रंप ने किया खारिज
अमेरिकी राष्ट्रपति ने उन अटकलों को भी खारिज किया जिनमें कहा गया था कि अमेरिका ईरान में निवेश करेगा या उसे वित्तीय सहायता देगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "हम ईरान में कोई पैसा निवेश नहीं कर रहे हैं। कल जो अफवाह फैली थी, वह पूरी तरह बेतुकी थी। अमेरिका की ईरान में पैसा लगाने की कोई बाध्यता नहीं है।"
रिपोर्टों के अनुसार, वार्ता के अगले चरण में ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े तकनीकी मुद्दों, आर्थिक राहत के उपायों, हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने की प्रक्रिया और लगभग 300 अरब डॉलर के पुनर्निर्माण कोष पर चर्चा हो सकती है। बताया जा रहा है कि यह कोष अमेरिका के बजाय खाड़ी देशों द्वारा वित्तपोषित किया जाएगा।
ईरान शर्तें मानेगा, तो पुनर्निर्माण कोष मिलने की संभावना- अमेरिकी उपराष्ट्रपति
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी एक इंटरव्यू में कहा कि यदि ईरान समझौते की शर्तों का पालन करता है, तो उसे पुनर्निर्माण कोष तक पहुंच मिल सकती है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि समझौते में ईरान की 24 अरब डॉलर की जमी हुई संपत्ति जारी करने जैसी कोई व्यवस्था शामिल नहीं है।
इससे पहले ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर दावा किया था कि ईरान के साथ हुआ यह "महान समझौता" पूरे पश्चिम एशिया में शांति और सुरक्षा लाएगा। उन्होंने कहा था कि समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य फिर से खुल जाएगा और क्षेत्र तथा दुनिया के लिए तेल आपूर्ति सामान्य हो जाएगी। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि उनसे पहले कई अमेरिकी राष्ट्रपति ईरान के साथ स्थायी शांति स्थापित करने में असफल रहे, लेकिन मौजूदा समझौता क्षेत्र में नई स्थिरता और सहयोग का मार्ग प्रशस्त कर सकता है।