तेहरान, ईरान: अमरीका के साथ अप्रत्यक्ष वार्ता के दौरान ईरान ने एक असामान्य कूटनीतिक रणनीति अपनाई। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने अपनी वार्ता टीम को सलाह देने के लिए वरिष्ठ मनोवैज्ञानिकों को शामिल किया, ताकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्यवहार और निर्णय लेने के तरीके को बेहतर ढंग से समझा जा सके।
'Drop Site' न्यूज़ की रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल में इस्लामाबाद में हुई बातचीत के बाद ईरानी वार्ता दल के सलाहकार समूह में दो वरिष्ठ मनोवैज्ञानिकों को शामिल किया गया था। इन विशेषज्ञों का मुख्य उद्देश्य ट्रंप की प्रतिक्रियाओं और व्यवहारिक पैटर्न का विश्लेषण करना था, ताकि बातचीत के दौरान भेजे जाने वाले संदेशों को उसी अनुरूप तैयार किया जा सके।

ट्रंप के व्यवहार को बेहतर समझने की कोशिश में ईरान
रिपोर्ट में एक ईरानी अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि वार्ता टीम ने मनोवैज्ञानिकों की मदद इसलिए ली ताकि राष्ट्रपति ट्रंप के व्यवहार को बेहतर तरीके से समझते हुए प्रभावी संवाद रणनीति बनाई जा सके। अधिकारी ने दावा किया कि मनोवैज्ञानिकों की सिफारिशों को बातचीत और लिखित संदेशों में शामिल करने के बाद ट्रंप की प्रतिक्रियाओं में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला।
28 फरवरी को ईरान पर हुआ था संयुक्त हमला
रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी पक्ष का मानना है कि इन विशेषज्ञों की सलाह को अपनाने के बाद वार्ता का माहौल पहले की तुलना में अधिक रचनात्मक और सहयोगपूर्ण हुआ। इस बीच, रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि ईरान और अमेरिका के बीच उस संघर्ष को समाप्त करने के उद्देश्य से एक प्रारंभिक समझौता हुआ है, जो 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त हमलों के बाद शुरू हुआ था।
मनोवैज्ञानिक को शामिल करना एक असाधारण कदम
हालांकि, इस दावे को लेकर अब तक अमेरिका या ईरान की ओर से कोई आधिकारिक सार्वजनिक पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए रिपोर्ट में किए गए दावों को स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किया जा सका है। विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक कूटनीति में व्यवहारिक मनोविज्ञान और नेतृत्व विश्लेषण का उपयोग नया नहीं है, लेकिन किसी देश द्वारा औपचारिक वार्ता प्रक्रिया में मनोवैज्ञानिकों को शामिल करना एक असाधारण कदम माना जा रहा है।
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