तेल सप्लाई संकट के बीच मिस्र में ईंधन महंगा, कीमतें 30% तक बढ़ीं...

By  Preeti Kamal March 10th 2026 02:45 PM -- Updated: March 10th 2026 03:32 PM

काहिरा: मध्य-पूर्व में जारी युद्ध और वैश्विक ऊर्जा बाजार में उथल-पुथल के बीच मिस्र सरकार ने ईंधन की कीमतों में बड़ा इजाफा कर दिया है। सरकार ने पेट्रोल, डीजल और वाहनों में इस्तेमाल होने वाली प्राकृतिक गैस की कीमतें बढ़ा दी हैं, जिनमें कुछ मामलों में लगभग 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मिस्र के पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि यह फैसला मध्य-पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर उसके प्रभाव के कारण लिया गया है। युद्ध के कारण तेल आपूर्ति और शिपिंग मार्गों में बाधा आई है, जिससे ऊर्जा की कीमतों पर दबाव बढ़ गया है।

सरकारी घोषणा के अनुसार नई कीमतें मंगलवार से लागू हो गईं। पेट्रोल और डीजल सहित कई ईंधन उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है, जबकि सरकार ने इसे “असाधारण परिस्थितियों” का परिणाम बताया है। ऊर्जा बाजार के जानकारों का कहना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के कारण तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ रही हैं और कई देशों को घरेलू स्तर पर ईंधन की कीमतें बढ़ानी पड़ रही हैं।

मिस्र सरकार पहले ही संकेत दे चुकी थी कि यदि युद्ध के कारण वैश्विक तेल कीमतें तेजी से बढ़ती हैं तो ईंधन पर “विशेष कदम” उठाने पड़ सकते हैं। अब इस फैसले से परिवहन, लॉजिस्टिक्स और अन्य क्षेत्रों की लागत बढ़ने की आशंका है, जिसका असर आम लोगों की जेब पर भी पड़ सकता है।

विश्लेषकों का मानना है कि ईंधन की बढ़ी कीमतों का असर महंगाई, परिवहन किराए और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है, जिससे मिस्र की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है।

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