तेहरान, ईरान: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने कहा है कि ईरान दबाव, धमकी और घेराबंदी के तहत किसी भी तरह की बातचीत नहीं करेगा। यह जानकारी Mehr News Agency ने रविवार को दी। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ टेलीफोन पर हुई बातचीत के दौरान, पेज़ेशकियन ने अमेरिका द्वारा वार्ता और युद्धविराम के दौरान किए जा रहे उल्लंघनों और दबावपूर्ण रवैये की आलोचना की।
ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि वाशिंगटन द्वारा लगाए गए तथाकथित समुद्री प्रतिबंध युद्धविराम समझौतों का स्पष्ट उल्लंघन हैं और संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के भी खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के कदम और धमकी भरी बयानबाजी से कूटनीतिक प्रक्रिया के प्रति अमेरिका की प्रतिबद्धता पर सवाल खड़े होते हैं।
Iran will not enter into negotiations under pressure, threats, and siege, President Masoud Pezeshkian says.https://t.co/lZ5UMan6h9
— Mehr News Agency (@MehrnewsCom) April 26, 2026
राष्ट्रपति पेज़ेशकियन ने दी अमरीका को चेतावनी
राष्ट्रपति पेज़ेशकियन ने राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए ईरान की प्रतिबद्धता दोहराई और चेतावनी दी कि अमेरिका और इज़राइल की ओर से किसी भी नए टकराव के गंभीर क्षेत्रीय और वैश्विक परिणाम हो सकते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि ईरान अपने सभी पड़ोसी देशों, खासकर फारस की खाड़ी के दक्षिणी तटों के देशों के साथ अच्छे संबंध और आपसी सम्मान के आधार पर रिश्ते मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने उम्मीद जताई कि ये देश बाहरी हस्तक्षेप से अलग रहकर क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देंगे।
ईरान के विदेश मंत्री क्षेत्रीय हालात पर चर्चा की
इस बीच, ISNA के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक़ची ने मिस्र के अपने समकक्ष बदर अब्देलट्टी (Badr Abdelatty) के साथ कूटनीति, युद्धविराम और क्षेत्रीय हालात पर चर्चा की। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने तुर्की के विदेश मंत्री Hakan Fidan से भी फोन पर बातचीत की। जैसे-जैसे शांति वार्ता जटिल होती जा रही है, अमेरिका और ईरान के बीच कई मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं।
Iranian Foreign Minister Abbas Araghchi said on Sunday that he discussed regional developments in separate phone calls with his Egyptian and Turkish counterparts.Araghchi said he briefed Turkish Foreign Minister Hakan Fidan on developments related to the ceasefire and the…
— Iran International English (@IranIntl_En) April 26, 2026
ईरान-अमेरिका में परमाणु कार्यक्रम को लेकर तनातनी
अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह निलंबित करे, जबकि ईरान का कहना है कि यह प्रतिबंध केवल सीमित अवधि के लिए होना चाहिए। अमेरिका ईरान के लगभग 400 किलोग्राम उच्च संवर्धित यूरेनियम के भंडार को अपने नियंत्रण में लेना चाहता है, जिसे तेहरान ने खारिज कर दिया है।
Strait of Hormuz पर भी स्थिति ठीक नहीं
ईरान ने कहा है कि जब तक अमेरिका उसके बंदरगाहों पर लगाए गए प्रतिबंध नहीं हटाता, तब तक वह होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में शिपिंग पर नियंत्रण बनाए रखेगा। वहीं, डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि समझौता होने तक यह प्रतिबंध जारी रहेगा।
ईरान ने की 270 अरब डॉलर के मुआवजे की मांग
ईरान किसी भी स्थायी समझौते के तहत प्रतिबंधों में राहत और लगभग 20 अरब डॉलर की संपत्तियों को अनफ्रीज करने की मांग कर रहा है। इसके अलावा, ईरान ने अमेरिका और इज़राइल के हमलों से हुए नुकसान के लिए करीब 270 अरब डॉलर के मुआवजे की भी मांग की है।
🚨 🇮🇷 Iran claims that the war involving the United States and Israel caused massive losses amounting to $270 billion. 🇮🇱🇺🇸 Tehran is now demanding full compensation and says the payment should be made without delay. pic.twitter.com/ML7AjnEpgd
— Iran Headlines (@Iran_Headlines) April 26, 2026