पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत लौटे 2.8 लाख लोग, विदेश मंत्रालय ने दी जानकारी...

By  Preeti Kamal March 19th 2026 05:35 PM -- Updated: March 19th 2026 04:57 PM

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष और एयरस्पेस प्रतिबंधों के बीच भारत सरकार ने अपने नागरिकों की वापसी के प्रयास तेज कर दिए हैं। विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, 28 फरवरी से अब तक लगभग 2.8 लाख लोग क्षेत्र से भारत लौट चुके हैं।

विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव (Gulf) असीम महाजन ने गुरुवार को आयोजित एक अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में बताया कि कुछ देशों में परिचालन बाधाओं के बावजूद उड़ानों की स्थिति धीरे-धीरे बेहतर हो रही है। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त उड़ानों के संचालन से यात्रियों की वापसी में तेजी आई है।

ओमान और सऊदी अरब से भी उड़ानें संचालित

संयुक्त सचिव के अनुसार, भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच सीमित गैर-निर्धारित उड़ानें जारी हैं। 18 मार्च को दोनों देशों के बीच करीब 75 उड़ानें संचालित हुईं, जबकि 19 मार्च को यह संख्या बढ़कर लगभग 90 होने की उम्मीद है।

उन्होंने बताया कि ओमान और सऊदी अरब से भी नियमित रूप से उड़ानें संचालित हो रही हैं। कतर का एयरस्पेस आंशिक रूप से खुला है और कतर एयरवेज भारत के लिए विशेष वाणिज्यिक उड़ानें चला रहा है।

भारत के लिए विशेष उड़ानों का प्रबंध है

हालांकि, कुवैत और बहरीन का एयरस्पेस अभी भी बंद है। ऐसे में कुवैत की जज़ीरा एयरवेज सऊदी अरब के अल क़ैसुमाह हवाई अड्डे से भारत के लिए विशेष उड़ानें चला रही है। वहीं बहरीन की गल्फ एयर दम्माम हवाई अड्डे से भारतीय यात्रियों को लाने के लिए विशेष सेवाएं दे रही है।

विदेश मंत्रालय ने बताया कि खासकर आपात स्थितियों में कुवैत, बहरीन और इराक से फंसे भारतीयों को सऊदी अरब के जरिए ट्रांजिट सुविधा प्रदान की जा रही है।

भारतीयों की सुरक्षित वापसी के लिए सरकार प्रतिबद्ध 

इस बीच, SAFESEA VISHNU तेल टैंकर घटना पर भी अपडेट दिया गया। 15 भारतीय चालक दल के सदस्य सुरक्षित रूप से इराक से निकल चुके हैं और जल्द ही भारत पहुंचेंगे। एक भारतीय नागरिक की मौत पर सरकार संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर पार्थिव शरीर को जल्द भारत लाने की कोशिश कर रही है।

28 फरवरी को शुरू हुए संघर्ष से हालात बिगड़े थे

उल्लेखनीय है कि 28 फरवरी को शुरू हुए इस संघर्ष ने पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र में अस्थिरता पैदा कर दी है, जिससे अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक अर्थव्यवस्था भी प्रभावित हुई है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह क्षेत्रीय सरकारों और एयरलाइंस के साथ लगातार संपर्क में है, ताकि भारतीय नागरिकों की सुरक्षित और शीघ्र वापसी सुनिश्चित की जा सके।

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