बड़ी खबर: ईरान ने भारतीय झंडे वाले जहाजों को 'Strait of Hormuz' से सुरक्षित गुजरने की दी अनुमति...
नई दिल्ली, भारत: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण ईंधन आपूर्ति मार्गों पर दबाव बढ़ने के बीच सूत्रों ने बताया कि Iran ने India के झंडे वाले जहाजों को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण Strait of Hormuz से सुरक्षित रूप से गुजरने की अनुमति देने का फैसला किया है। अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर हमलों के बाद से इस जलडमरूमध्य से समुद्री यातायात लगभग ठप हो गया है।
इससे पहले Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) की नौसेना के कमांडर रियर एडमिरल Alireza Tangsiri ने कहा था कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले जहाजों को ईरान की अनुमति लेनी होगी, अन्यथा वे ईरानी हमलों का निशाना बन सकते हैं। Alireza Tangsiri ने बताया कि बुधवार को दो जहाजों ने ईरान की चेतावनी को नजरअंदाज किया, जिसके बाद उन्हें निशाना बनाया गया। उन्होंने X पर पोस्ट करते हुए कहा, “क्या इन जहाजों को सुरक्षित मार्ग का भरोसा दिया गया था? यह सवाल ‘एक्सप्रेस रोम’ और ‘मयूरी नारी’ जहाजों के चालक दल से पूछा जाना चाहिए, जिन्होंने चेतावनी के बावजूद जलडमरूमध्य पार करने की कोशिश की और पकड़े गए। जो भी जहाज यहां से गुजरना चाहता है, उसे ईरान से अनुमति लेनी होगी।”
तेहरान ने 'Strait of Hormuz' से गुजरने वाले जहाजों पर लगाए कड़े प्रतिबंध
ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, तेहरान ने 'Strait of Hormuz' से गुजरने वाले जहाजों पर प्रतिबंध कड़े कर दिए हैं। ईरान का कहना है कि जो जहाज United States और Israel के हितों की सेवा नहीं करते, उन्हें 'Strait of Hormuz' से सुरक्षित गुजरने दिया जाएगा। यह संकरा समुद्री मार्ग ईरान के तट और Oman के बीच स्थित है, जहां से हर दिन लगभग 2 करोड़ बैरल कच्चा तेल गुजरता है। यह वैश्विक तेल खपत का करीब 20 प्रतिशत और समुद्री रास्ते से होने वाले तेल व्यापार का लगभग एक चौथाई हिस्सा है। दुनिया की बड़ी मात्रा में तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) भी इसी रास्ते से गुजरती है। इस मार्ग में थोड़ी भी बाधा आने पर वैश्विक वित्तीय बाजारों, आपूर्ति श्रृंखलाओं और आम लोगों के बजट पर असर पड़ सकता है।
खाड़ी क्षेत्र में 28 भारतीय झंडे वाले जहाज संचालन में हैं
इस बीच Ministry of Ports, Shipping and Waterways ने बुधवार को बताया कि फिलहाल फारस की खाड़ी क्षेत्र में 28 भारतीय झंडे वाले जहाज संचालन में हैं। इनमें से 24 जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पश्चिम में हैं, जिन पर 677 भारतीय नाविक सवार हैं, जबकि चार जहाज जलडमरूमध्य के पूर्व में हैं, जिन पर 101 भारतीय नाविक मौजूद हैं।
मंत्रालय ने बताया कि इन जहाजों और नाविकों की सुरक्षा पर लगातार नजर रखी जा रही है। घटनाक्रम पर निगरानी और सहायता के समन्वय के लिए मंत्रालय और Directorate General of Shipping में 28 फरवरी 2026 से 24 घंटे का कंट्रोल रूम भी संचालित किया जा रहा है। अधिकारियों, जहाज प्रबंधकों और भर्ती एजेंसियों के साथ-साथ भारतीय दूतावासों और स्थानीय प्रशासन के बीच समन्वय किया जा रहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर भारतीय नाविकों को सहायता दी जा सके। मंत्रालय ने कहा कि सरकार भारतीय नाविकों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने तथा भारत के समुद्री हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।