"100 अरब डॉलर का नुकसान"— अमेरिका पर ईरान का दावा...
तेहरान, ईरान: अब्बास अराघची ने शुक्रवार को पेंटागन पर ईरान के खिलाफ युद्ध की लागत को लेकर झूठ बोलने और आंकड़ों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का आरोप लगाया। अराघची ने कहा कि इस “जुए जैसे युद्ध” की वजह से अमेरिका को अब तक 100 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है।
X पर पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा, “पेंटागन झूठ बोल रहा है। नेतन्याहू के इस दांव ने अब तक अमेरिका को सीधे तौर पर 100 अरब डॉलर का नुकसान पहुंचाया है, जो कि बताए गए आंकड़े से चार गुना ज्यादा है। अमेरिकी करदाताओं पर अप्रत्यक्ष खर्च इससे भी कहीं अधिक है। हर अमेरिकी परिवार पर हर महीने 500 डॉलर का बोझ बढ़ रहा है। ‘इज़राइल फर्स्ट’ का मतलब हमेशा ‘अमेरिका लास्ट’ होता है।”
ईरानी स्पीकर ग़ालिबाफ़ ने अमेरिका का उड़ाया मज़ाक
इससे पहले गुरुवार को ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर ग़ालिबाफ़ ने अमेरिका का मजाक उड़ाते हुए कहा कि ईरान की सीमाएं अमेरिका से कहीं ज्यादा लंबी हैं, इसलिए उसे घेरना आसान नहीं होगा।
उन्होंने पीट हेगसेथ पर तंज कसते हुए कहा, “अगर आप न्यूयॉर्क से वेस्ट कोस्ट और लॉस एंजेलिस से ईस्ट कोस्ट तक दो दीवारें बनाएं, तो उनकी कुल लंबाई 7,755 किमी होगी, जो ईरान की सीमाओं से लगभग 1,000 किमी कम है। ऐसे देश की नाकेबंदी करना आसान नहीं होगा।”
अमेरिका ने लगभग 25 अरब डॉलर खर्च किए हैं- अमेरिकी रक्षा मंत्री
वहीं, अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने बुधवार को हाउस आर्म्ड सर्विसेज कमेटी के साथ बहस के दौरान कहा था कि ईरान के खिलाफ युद्ध पर अमेरिका ने लगभग 25 अरब डॉलर खर्च किए हैं, जिसमें मुख्य रूप से हथियार और उपकरणों के रखरखाव पर खर्च शामिल है।
हालांकि, डेमोक्रेटिक नेताओं और कई अर्थशास्त्रियों ने इस आंकड़े को कम बताया है। उनका कहना है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर इसका वास्तविक बोझ 630 अरब डॉलर से लेकर 1 ट्रिलियन डॉलर तक हो सकता है।
युद्ध के पहले छह दिनों में 11.3 अरब डॉलर खर्च हुए- पेंटागन
मार्च में पेंटागन अधिकारियों ने कांग्रेस को बताया था कि युद्ध के पहले छह दिनों में ही 11.3 अरब डॉलर खर्च हो गए थे। यह अनुमान उस 200 अरब डॉलर की मांग से भी कम है, जो डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने शुरू में इस युद्ध के लिए मांगी थी।