दुबई में तेज धमाकों से दहशत, ईरानी हमलों को एयर डिफेंस ने किया नाकाम...
दुबई: पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के 16वें दिन रविवार सुबह दुबई के कई इलाकों में तेज धमाकों जैसी आवाजें सुनाई दीं, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। ये आवाजें खासतौर पर Dubai Marina और Al Sufouh क्षेत्रों में सुनी गईं।
थोड़ी देर के बाद ही दुबई के मीडिया हाउस ने पुष्टि की कि ये आवाजें संयुक्त अरब अमीरात की उन्नत एयर डिफेंस प्रणाली द्वारा दुश्मन के ड्रोन और मिसाइलों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट करने के कारण आई थीं।
पिछले दो दिनों से लगातार सुनाई दे रही धमाकों की आवाजें
पिछले दो दिनों से दुबई के कई हिस्सों में इसी तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं। शनिवार को शहर के मध्य क्षेत्रों में धमाकों या इंटरसेप्शन से जुड़ी आवाजें सुनी गईं, जबकि शुक्रवार को डाउनटाउन इलाके में रहने वाले लोगों ने भी इसी तरह की आवाजें सुनने की जानकारी दी।
दुबई के वित्तीय जिले पर संदिग्ध ड्रोन हमला
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शुक्रवार को संदिग्ध ईरानी ड्रोन हमले ने दुबई के वित्तीय क्षेत्र को निशाना बनाया। बताया जा रहा है कि यह हमला दुबई अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय केंद्र पर हुआ, जो अमीरात का एक प्रमुख कारोबारी केंद्र है।
समाचार एजेंसी Agence France-Presse (AFP) के एक संवाददाता ने बताया कि शहर में दो बड़े धमाके सुनाई दिए, जिनकी तीव्रता इतनी अधिक थी कि आसपास की इमारतें तक हिल गईं। इसके कुछ ही क्षण बाद केंद्रीय इलाके के ऊपर काले धुएं का बड़ा गुबार उठता हुआ दिखाई दिया।
फुजैराह तेल टर्मिनल पर हमले के बाद संचालन रुका
इसी बीच रविवार को ईरानी हमलों के बाद संयुक्त अरब अमीरात के Port of Fujairah स्थित तेल टर्मिनल का संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया गया। अधिकारियों के अनुसार हमले के बाद फुजैराह के ऊपर घना काला धुआं उठता दिखाई दिया और कई घंटों तक आग पर काबू पाने की कोशिश जारी रही।
इस घटना में एक जॉर्डन के नागरिक के घायल होने की भी खबर है। हमले के बाद बंदरगाह पर तेल लोडिंग की कुछ गतिविधियां भी निलंबित कर दी गईं।
वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अहम केंद्र
Port of Fujairah ओमान की खाड़ी में स्थित है और Strait of Hormuz के बाहर होने के कारण यह वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इसकी रणनीतिक स्थिति तेल निर्यात को संकरे जलमार्ग से गुजरे बिना भेजने की सुविधा देती है, जो दुनिया के सबसे संवेदनशील ऊर्जा आपूर्ति मार्गों में से एक है।
दुबई पर लगातार हमले, कई नागरिक हताहत
दुबई, जो वैश्विक वित्त और विमानन का एक प्रमुख केंद्र है, इस संघर्ष के दौरान कई प्रत्यक्ष हमलों का सामना कर रहा है। अमीराती अधिकारियों के अनुसार युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक संयुक्त अरब अमीरात की ओर 1,700 से अधिक मिसाइलें और ड्रोन दागे जा चुके हैं।
हालांकि एयर डिफेंस सिस्टम ने इनमें से अधिकांश को हवा में ही नष्ट कर दिया, फिर भी कुछ हमले या मलबा घनी आबादी वाले इलाकों में गिरा है। इन घटनाओं में चार नागरिकों की मौत हुई है और दर्जनों लोग घायल हुए हैं।
इस बीच, ईरान ने निवासियों से बंदरगाहों और "अमेरिकी ठिकानों" को खाली करने का आह्वान किया, जिसमें उसने दुबई के सबसे व्यस्त बंदरगाह जेबेल अली, अबू धाबी के खलीफा बंदरगाह और फुजैराह के बंदरगाह का नाम लिया, जो कि एक प्रमुख अमीराती तेल भंडारण और निर्यात केंद्र है।
ईरान के सर्वोच्च नेता की मौत के बाद बढ़ा तनाव
पश्चिम एशिया में तनाव उस समय और बढ़ गया जब अली खामेनेई की 28 फरवरी को संयुक्त रूप से अमेरिका और इज़राइल द्वारा किए गए सैन्य हमलों में मौत हो गई। 86 वर्षीय खामेनेई ईरान के सर्वोच्च नेता थे और उनकी मौत के बाद क्षेत्र में हालात और अधिक संवेदनशील हो गए हैं।