कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर PM मोदी ने दी श्रद्धांजलि...
शेख हमद बिन खलीफा अल थानी ने 1995 से 2013 तक कतर पर शासन किया। उनके कार्यकाल में ऊर्जा संसाधनों से समृद्ध कतर ने आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी मजबूत पहचान बनाई।
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कतर के पूर्व अमीर (Father Amir) शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने उन्हें एक दूरदर्शी नेता बताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में कतर ने विकास और समृद्धि की नई ऊंचाइयों को छुआ। प्रधानमंत्री मोदी ने कतर के मौजूदा अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी, शाही परिवार और कतर की जनता के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, "कतर के फादर अमीर महामहिम शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन से हमें गहरा दुख हुआ है। वह एक दूरदर्शी नेता थे, जिन्होंने कतर को विकास और समृद्धि की नई बुलंदियों तक पहुंचाया। फरवरी 2024 में कतर की अपनी यात्रा के दौरान उनसे मुलाकात करना मेरे लिए सम्मान की बात थी। मैं कतर के अमीर महामहिम शेख तमीम बिन हमद अल थानी, पूरे शाही परिवार और कतर की जनता के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। दिवंगत आत्मा को शांति मिले।"
74 वर्ष की आयु में पूर्व अमीर शेख हमद का हुआ निधन
इससे पहले कतर के अमीरी दीवान (Amiri Diwan) ने घोषणा की थी कि कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी का 74 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। अमीरी दीवान ने अपने बयान में कहा, "ईश्वर की इच्छा और नियति पर अटूट विश्वास के साथ अमीरी दीवान देश की इस बड़ी क्षति पर शोक व्यक्त करता है। फादर अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी का आज सुबह निधन हो गया। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें।"
शेख हमद बिन खलीफा अल थानी ने 1995 से 2013 तक कतर पर शासन किया। उनके कार्यकाल में ऊर्जा संसाधनों से समृद्ध कतर ने आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी मजबूत पहचान बनाई।
शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के शासन में लागू हुआ स्थायी संविधान
शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के शासनकाल में 2004 में कतर का पहला स्थायी संविधान लागू किया गया। साथ ही नगरपालिका चुनावों की शुरुआत हुई, जिसमें महिलाओं को मतदान करने और चुनाव लड़ने का अधिकार भी दिया गया। इन सुधारों को कतर के आधुनिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जाता है।