गुवाहाटी, असम: असम में लगातार हो रही बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। राज्य के 12 जिलों में 1.70 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने सोमवार को कहा कि सरकार ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि उन्होंने बाढ़ प्रभावित जिलों के सभी सांसदों और विधायकों को मौके पर मौजूद रहकर स्थिति की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। 

हिमंत बिस्व सरमा ने कहा, “मैंने बाढ़ प्रभावित जिलों के सभी सांसदों और विधायकों से मौके पर रहकर स्थिति की बारीकी से निगरानी करने को कहा है। मैं सभी जनप्रतिनिधियों के लगातार संपर्क में हूं और इस स्थिति से निपटने के लिए असम सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है।” उन्होंने कहा कि बारिश जारी रहने और जलस्तर बढ़ने के बीच लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और उन्हें हर जरूरी सहायता उपलब्ध कराने के प्रयासों को और मजबूत किया जा रहा है।

बाढ़ से 12 जिले प्रभावित

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, पिछले 24 घंटों में शिवसागर जिले के अमगुरी इलाके में एक व्यक्ति की बाढ़ के पानी में डूबने से मौत हो गई। इसके साथ ही इस साल राज्य में बाढ़ से जुड़ी मौतों का आंकड़ा बढ़कर पांच हो गया है। बाढ़ से बिस्वनाथ, कछार, धेमाजी, डिब्रूगढ़, चराइदेव, गोलाघाट, तिनसुकिया, लखीमपुर, कार्बी आंगलोंग, शिवसागर, उदलगुड़ी और जोरहाट जिले प्रभावित हुए हैं। बाढ़ के पानी ने 10,362 हेक्टेयर से अधिक कृषि क्षेत्र को भी जलमग्न कर दिया है।

ब्रह्मपुत्र समेत कई नदियां उफान पर

असम और पड़ोसी राज्यों नागालैंड तथा अरुणाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण ब्रह्मपुत्र और उसकी कई सहायक नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, चराइदेव जिले के देसांगपानी में देसांग नदी अपने पिछले सर्वाधिक बाढ़ स्तर से ऊपर बह रही है। इसके अलावा दिकहौ, बुरीदिहिंग, ब्रह्मपुत्र और धनसिरी (दक्षिण) नदियां भी खतरे के निशान से ऊपर या गंभीर बाढ़ की स्थिति में बह रही हैं।

580 गांव बाढ़ की चपेट में

बाढ़ की मौजूदा लहर से 30 राजस्व सर्किल के कुल 580 गांव प्रभावित हुए हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान चलाने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमें तैनात की गई हैं। चराइदेव, शिवसागर, जोरहाट और गोलाघाट समेत सबसे अधिक प्रभावित जिलों में बचाव और राहत कार्य तेज किए गए हैं। राज्य सरकार का कहना है कि प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।