नई दिल्ली:  दिवाली से पहले देश के उपभोक्ताओं को महंगाई का एक और झटका लगा है। डेयरी ब्रांड अमूल ने घी और मक्खन की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। नई दरों के लागू होने के बाद अब ग्राहकों को 1 किलो घी के पैक के लिए 630 रुपये के बजाय 680 रुपये खर्च करने होंगे। वहीं, 500 ग्राम मक्खन का पैकेट 310 रुपये से बढ़कर 325 रुपये का हो गया है।

त्योहारी मौसम में घी और मक्खन की खपत बढ़ जाती है। मिठाइयां, नमकीन और घरों में बनने वाले कई पारंपरिक पकवान इन उत्पादों के बिना अधूरे माने जाते हैं। ऐसे में कीमतों में हुई बढ़ोतरी से त्योहार के दौरान लोगों का घरेलू बजट प्रभावित हो सकता है।

अमूल घी और मक्खन की नई कीमतें

उपलब्ध कीमतों के मुताबिक, अमूल ने अलग-अलग पैक के दाम बढ़ाए हैं। सबसे ज्यादा बढ़ोतरी 1 किलो घी के पैक में हुई है। इसकी कीमत में सीधे 50 रुपये का इजाफा किया गया है।

उत्पाद  पुरानी कीमत₹325 
1 किलो घी कार्टन ₹630 ₹680 
500 ग्राम प्योर घी पाउच₹325 ₹345 
100 ग्राम मक्खन  ₹63 ₹66 
500 ग्राम मक्खन  ₹310₹325
इस बदलाव के बाद 500 ग्राम घी के पैक पर 20 रुपये और 500 ग्राम मक्खन पर 15 रुपये अधिक देने होंगे। वहीं, 100 ग्राम मक्खन की कीमत में 3 रुपये की बढ़ोतरी हुई है।

क्यों बढ़े घी के दाम?

घी की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे त्योहारों के दौरान मांग बढ़ना और सप्लाई पर दबाव प्रमुख वजहें बताई जा रही हैं। गुजरात और राजस्थान में मिलावटी घी के खिलाफ कार्रवाई के बाद ग्राहकों का रुझान ब्रांडेड और भरोसेमंद कंपनियों के उत्पादों की ओर बढ़ने की बात भी सामने आई है।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पिछले छह महीनों में गुजरात और राजस्थान के अलग-अलग इलाकों से करीब दो लाख किलो नकली घी जब्त किया गया। इसके बाद ब्रांडेड घी की मांग बढ़ने से बाजार में आपूर्ति पर दबाव पड़ने की संभावना जताई जा रही है।

त्योहारी सीजन भी कीमतों को प्रभावित करने वाला अहम कारण है। इस दौरान मिठाई और पकवान बनाने के लिए घी की खपत बढ़ जाती है। कुछ बाजारों में अमूल के गाय के घी की कमी की खबरें भी सामने आई हैं।

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर घी की कीमतें

अमूल के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध अलग-अलग किस्म के घी की कीमतें भी अलग-अलग बताई गई हैं। इनमें गाय का घी 740 रुपये प्रति लीटर, सागर घी 710 रुपये, प्योर घी 700 रुपये और भैंस का घी 720 रुपये प्रति लीटर की दर से सूचीबद्ध है।

दिवाली से पहले घी और मक्खन के महंगे होने से ग्राहकों को खरीदारी के दौरान पहले से ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है। खासकर उन परिवारों पर इसका असर अधिक होगा, जहां त्योहार के लिए बड़ी मात्रा में मिठाइयां और पकवान घर पर तैयार किए जाते हैं।