नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट में सोमवार को सात न्यायिक अधिकारियों ने नए न्यायाधीशों के रूप में शपथ ली। दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने कोर्ट परिसर में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में सभी नवनियुक्त न्यायाधीशों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ लेने वाले सात न्यायिक अधिकारियों में निवेदिता अनिल शर्मा, निशा सहाय सक्सेना, संजय शर्मा, भारत पराशर, डॉ. अदिति चौधरी, दिनेश भट्ट और अरुण भारद्वाज शामिल हैं।
निवेदिता अनिल शर्मा और निशा सहाय सक्सेना को दिल्ली हाईकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया है, जबकि संजय शर्मा, भारत पराशर, डॉ. अदिति चौधरी, दिनेश भट्ट और अरुण भारद्वाज को अतिरिक्त न्यायाधीश के तौर पर नियुक्त किया गया है।
परिवार और न्यायिक अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ समारोह
शपथ ग्रहण समारोह में दिल्ली हाईकोर्ट के सभी कार्यरत न्यायाधीशों के अलावा वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी, हाईकोर्ट रजिस्ट्री के अधिकारी, वकील और नवनियुक्त न्यायाधीशों के परिवार के सदस्य मौजूद रहे। सभी सात न्यायिक अधिकारियों का संबंध दिल्ली की जिला न्यायपालिका और न्यायिक प्रशासन से रहा है। शपथ लेने के बाद उन्होंने औपचारिक रूप से दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीश के तौर पर कार्यभार संभाल लिया।
STORY | Delhi High Court gets seven new judges, total strength rises to 50Seven judicial officers took the oath of office as Delhi High Court court judges on Monday, taking the strength of the court to 50.Chief Justice D K Upadhyaya administered the oath to Justices Nivedita… pic.twitter.com/KosNeQdKqI
— Press Trust of India (@PTI_News) September 21, 2026
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के बाद हुई नियुक्ति
इन नियुक्तियों को केंद्र सरकार ने शनिवार को अधिसूचित किया था। नियुक्तियों की सिफारिश सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने की थी, जिसकी अध्यक्षता भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत कर रहे हैं। कॉलेजियम ने 10 सितंबर को हुई बैठक में दिल्ली हाईकोर्ट में पदोन्नति के लिए आठ न्यायिक अधिकारियों के नामों की सिफारिश की थी। इसके बाद केंद्र सरकार ने सात न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति को अधिसूचित किया।
अरुण भारद्वाज थे दिल्ली हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल
नवनियुक्त न्यायाधीशों में अरुण भारद्वाज दिल्ली हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के पद पर कार्यरत थे। वहीं, अन्य अधिकारियों ने दिल्ली की जिला न्यायपालिका में कई महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी संभाली है। इनमें प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश और विशेष न्यायाधीश जैसे पद भी शामिल हैं। लंबे समय तक निचली अदालतों और न्यायिक प्रशासन में काम करने का अनुभव अब हाईकोर्ट की पीठ में भी उनके काम आएगा।
60 की स्वीकृत क्षमता, अब 50 जज कार्यरत
दिल्ली हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 60 है। सात नए न्यायाधीशों की नियुक्ति के बाद हाईकोर्ट में कार्यरत न्यायाधीशों की संख्या बढ़कर 50 हो गई है। नए न्यायाधीशों के आने से दिल्ली हाईकोर्ट को ट्रायल कोर्ट और न्यायिक प्रशासन का व्यापक अनुभव रखने वाले अधिकारियों की विशेषज्ञता मिलेगी। यह नियुक्तियां ऐसे समय हुई हैं जब हाईकोर्ट लंबित मामलों के निपटारे और न्यायाधीशों के रिक्त पदों से जुड़ी चुनौतियों पर काम कर रहा है।
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