नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद निशिकांत दुबे ने पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग के खिलाफ मानहानि की कानूनी कार्रवाई शुरू की है। दुबे ने बताया कि उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट में ₹2 करोड़ के हर्जाने की मांग करते हुए दीवानी मानहानि का मुकदमा दायर किया है। इसके अलावा दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में आपराधिक मानहानि का मामला भी दाखिल किया गया है।
निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अब इस मामले का फैसला अदालतों में होगा। उन्होंने यह भी कहा कि मामले की सुनवाई के दौरान पिछले 18 वर्षों में सांसद के तौर पर उनके रिकॉर्ड की भी जांच होगी।
पिछले सप्ताह भेजा था कानूनी नोटिस
यह कार्रवाई उस कानूनी नोटिस के बाद हुई है, जो दुबे ने पिछले सप्ताह सुभाष चंद्र गर्ग को भेजा था। नोटिस में दुबे ने कथित बयानों को वापस लेने, बिना शर्त माफी मांगने और उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को हटाने की मांग की थी। दुबे ने गर्ग को इन मांगों को पूरा करने के लिए सात दिन का समय दिया था। साथ ही चेतावनी दी थी कि ऐसा नहीं करने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
#Breaking BJP MP Nishikant Dubey files a ₹2 crore defamation case against former finance secretary Subhash Chandra Garg. Separately, Dubey has filed a criminal defamation case against Garg in Patiala House Court. @NishikantDubey3 @Subhashgarg1960 pic.twitter.com/3sTVIT986p
— Bar and Bench (@barandbench) September 29, 2026
सुभाष गर्ग ने मांगों को बताया था अनुचित
सुभाष चंद्र गर्ग ने दुबे के कानूनी नोटिस का जवाब देते हुए उनकी मांगों को खारिज कर दिया था। उन्होंने कहा था कि नोटिस उचित नहीं है। सोशल मीडिया पर साझा किए गए विस्तृत जवाब में गर्ग ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि नोटिस में जिन बयानों का उल्लेख किया गया है, वे घटनाओं की उनकी समझ और स्मृति पर आधारित थे।
2018 की चिट्ठी का भी किया जिक्र
गर्ग ने भारत की जीडीपी वृद्धि पर लिखे अपने एक लेख का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इसके बाद निशिकांत दुबे ने एक्स पर उनकी आलोचना की और 3 मार्च 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखी अपनी एक चिट्ठी साझा की। इस पत्र में दुबे ने उस समय आर्थिक मामलों के विभाग के सचिव रहे सुभाष चंद्र गर्ग की आर्थिक नीतियों को लेकर चिंता जताई थी।
गर्ग के मुताबिक, उन्होंने यह पत्र पहली बार सितंबर 2026 में देखा, जब दुबे ने इसे एक्स पर साझा किया। उन्होंने यह भी कहा कि उस समय उन्होंने न तो दुबे की सोशल मीडिया पोस्ट का जवाब दिया था और न ही 2018 की चिट्ठी पर कोई प्रतिक्रिया दी थी।
पॉडकास्ट के बाद बढ़ा विवाद
बाद में यह विवाद तब और बढ़ गया, जब सुभाष गर्ग ने एक पॉडकास्ट में निशिकांत दुबे के साथ कथित बातचीत का जिक्र किया। दुबे ने गर्ग के दावों को चुनौती देते हुए उन पर लगाए गए आरोपों से इनकार किया है।
अब निशिकांत दुबे द्वारा दीवानी और आपराधिक दोनों तरह की मानहानि की कार्यवाही शुरू किए जाने की बात सामने आने के बाद यह विवाद न्यायिक मंच पर पहुंच गया है। दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोप और प्रत्यारोप अब संबंधित अदालतों के विचाराधीन हैं और इन पर अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा किया जाएगा।
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