ग्वालियर, मध्य प्रदेश: ग्वालियर पुलिस की 'तेरा तुझको अर्पण' मुहिम ने बुधवार को एक बड़ी उपलब्धि हासिल की, जब पुलिस अधिकारियों ने सैकड़ों बरामद मोबाइल फोन लोगों को वापस सौंपे। ग्वालियर पुलिस ने बताया कि बरामदगी केवल ग्वालियर जिले तक सीमित नहीं रही, क्योंकि मोबाइल फोन अक्सर दूसरे राज्यों तक पहुंच जाते हैं, इसलिए उन्हें वहां से भी सफलतापूर्वक वापस लाया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा, “यह पुलिस द्वारा ग्वालियर के आम नागरिकों के लिए चलाई जा रही एक बेहद खास और जनहितैषी सेवा है। ‘तेरा तुझको अर्पण’ कार्यक्रम के तहत हम उन लोगों को बुलाते हैं, जिनके मोबाइल फोन विभिन्न परिस्थितियों में गुम हो गए थे, और उन्हें उनके फोन वापस सौंपते हैं। वर्ष 2026 में इस अभियान के तहत 1,100 से अधिक मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 3 करोड़ रुपये है।”
#WATCH | Gwalior, Madhya Pradesh: Senior Superintendent of Police, Dharmveer Singh Yadav says, "This is a truly exceptional and highly citizen-centric service provided by the police, dedicated to the ordinary citizens of Gwalior. As part of this initiative, we organise a special… pic.twitter.com/UT03E0XrGX
— ANI (@ANI) May 14, 2026
'तेरा तुझको अर्पण' योजना के तहत लौटाए गए मोबाइल
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि यदि गुम हुई संपत्ति की जानकारी केंद्र सरकार के CEIR पोर्टल पर दर्ज की जाती है, तो पुलिस की टीमें उसे ट्रैक कर बरामदगी के लिए कार्रवाई करती हैं। ग्वालियर पुलिस ने “तेरा तुझको अर्पण” योजना के तहत बरामद मोबाइल फोन लोगों को लौटाए और उन नागरिकों को भी सम्मानित किया, जिन्होंने मिले हुए मोबाइल फोन पुलिस स्टेशन में जमा कराए थे। पिछले दो वर्षों में 1,122 मोबाइल फोन आम नागरिकों को वापस सौंपे गए हैं। ये फोन या तो चोरी हो गए थे या फिर लोगों से कहीं खो गए थे।
यह एक महत्वपूर्ण जनसेवा, अपराध विरोधी पहल है
धर्मवीर सिंह यादव ने कहा कि यह पुलिस की एक महत्वपूर्ण जनसेवा और अपराध विरोधी पहल है। इस अभियान के तहत साइबर टीम और क्राइम ब्रांच की टीमें लगातार निगरानी रखती हैं। CEIR पोर्टल पर अपलोड की गई जानकारी के आधार पर मोबाइल फोन ट्रैक कर उन्हें बरामद किया जाता है। ये मोबाइल केवल ग्वालियर ही नहीं, बल्कि दूसरे राज्यों से भी बरामद किए गए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि ग्वालियर के नागरिक, जिनमें ऑटो-रिक्शा चालक, टेंपो चालक और आम लोग शामिल हैं, यदि कोई मोबाइल फोन पाते हैं तो उसे पुलिस को सौंप देते हैं। उन्होंने इसे बेहद सराहनीय कदम बताया और कहा कि आज ऐसे छह लोगों को सम्मानित भी किया गया।