भोपाल, मध्य प्रदेश: त्विषा शर्मा दहेज उत्पीड़न और संदिग्ध मौत मामले की जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की टीम सोमवार को मुख्य आरोपी और पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के आवास पहुंची। जांच के दौरान टीम ने डमी बॉडी की मदद से घटनास्थल का पुनर्निर्माण (क्राइम सीन रीक्रिएशन) किया।

सीबीआई ने यह कार्रवाई मामले से जुड़े महत्वपूर्ण सबूत जुटाने और घटनाक्रम को समझने के लिए की। इस दौरान आरोपी गिरिबाला सिंह और उनके बेटे तथा त्विषा के पति समर्थ सिंह भी मौजूद रहे। इससे पहले रविवार को उत्तर प्रदेश के नोएडा में त्विषा शर्मा को न्याय दिलाने की मांग को लेकर एक शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया था।

त्विषा शर्मा को दहेज के लिए किया गया प्रताड़ित- परिवार का आरोप

गौरतलब है कि नोएडा निवासी त्विषा शर्मा की 12 मई को भोपाल में मौत हो गई थी। उनके परिवार का आरोप है कि विवाह के बाद उन्हें पति और ससुराल पक्ष द्वारा दहेज के लिए मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। त्विषा की शादी दिसंबर 2025 में भोपाल निवासी समर्थ सिंह से हुई थी। उनकी मौत के बाद परिवार ने दहेज उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 और दहेज निषेध अधिनियम, 1961 के तहत जांच की जा रही है।

पूरा विश्वास है कि जांच के जरिए सच्चाई सामने आएगी- त्विषा के भाई

त्विषा के भाई मेजर हर्षित शर्मा ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि जांच के जरिए सच्चाई सामने आएगी। उन्होंने कहा कि अब यह लड़ाई केवल त्विषा के लिए नहीं, बल्कि समाज में न्याय और जागरूकता के लिए भी है। इस बीच, 29 मई को त्विषा शर्मा की अस्थियों का विसर्जन ऋषिकेश में गंगा नदी में किया गया। उनके पिता नवनिधि शर्मा ने बताया कि त्विषा का ऋषिकेश और गंगा से विशेष लगाव था। वहीं, भोपाल की विशेष अदालत ने पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को आगे की पूछताछ के लिए 2 जून तक पांच दिन की सीबीआई रिमांड पर भेज रखा है।