नई दिल्ली: राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार को छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस लाठीचार्ज और अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े चंदे के कथित वित्तीय अनियमितता के आरोपों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा हमला करार दिया। नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत के दौरान खड़गे ने सरकार की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा, “छात्रों पर लाठीचार्ज लोकतंत्र पर हमला है। यह सरकार सत्ता में बने रहने के काबिल नहीं है।”
उन्होंने अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े चंदे के कथित गबन के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जिम्मेदारी लेनी चाहिए, क्योंकि ट्रस्ट का गठन उन्हीं के नेतृत्व में हुआ था। विपक्ष के नेता खड़गे ने कहा, “हमने अयोध्या राम मंदिर के चंदे की चोरी का मुद्दा भी उठाया है। मोदी साहब को जिम्मेदारी लेनी चाहिए, क्योंकि ट्रस्ट उन्होंने ही बनाया था।” उन्होंने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जवाबदेही की मांग की।
ये सरकार नौजवानों और छात्रों पर लाठीचार्ज कर रही है। अगर आपको Examinations Conduct नहीं आता ...तो सिंहासन खाली करो, जनता आएगी ! ये लोग सत्ता में रहने लायक़ नहीं है ! भगवान् के नाम पर चंदा चोरी हुआ, रामभक्त के नाम पर जनता से पैसे चोरी कर रहें हैं। मोदी जी को इसकी… pic.twitter.com/2fJoa9qezI
— Mallikarjun Kharge (@kharge) July 20, 2026
जयराम रमेश ने भी PM मोदी के संबोधन पर साधा निशाना
वहीं, संसद का मानसून सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन को लेकर कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने प्रधानमंत्री के भाषण को “सामान्य बातों की लंबी सूची” बताते हुए आरोप लगाया कि इसमें देश को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण मुद्दों का उल्लेख नहीं किया गया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं और राम मंदिर चंदे के विवाद जैसे मुद्दों को नजरअंदाज किया, जबकि विपक्ष इन मुद्दों को संसद में उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।
जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े चंदे में कथित अनियमितताओं ने देश की जनता को झकझोर दिया है। इसके अलावा उन्होंने NEET-UG 2026 पेपर लीक और CBSE कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े विवादों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों ने युवाओं में नाराजगी पैदा की है और विपक्ष संसद के मानसून सत्र के दौरान इन मामलों पर सरकार से जवाब मांगेगा।
प्रधानमंत्री ने संसद के मानसून सत्र की शुरुआत हमेशा की तरह अपनी घिसी-पिटी और खोखली बातों से की।लेकिन प्रधानमंत्री ने उन मुद्दों का कोई ज़िक्र नहीं किया, जिन्हें विपक्ष सदन में मजबूती से उठाने के लिए प्रतिबद्ध है-i. अयोध्या के राम मंदिर में RSS-BJP इकोसिस्टम से जुड़े लोगों…
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) July 20, 2026
सरकार पर लोकतंत्र और संघीय ढांचे को कमजोर करने का आरोप
कांग्रेस महासचिव ने केंद्र सरकार पर लोकतंत्र और संविधान के संघीय ढांचे को कमजोर करने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने परिसीमन प्रक्रिया, 'वन नेशन, वन इलेक्शन' और कथित असंवैधानिक VBSA विधेयक को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और अन्य मंत्रियों के खिलाफ लगाए गए कथित भ्रष्टाचार के आरोपों पर भी प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाया।
जयराम रमेश ने विपक्षी दलों को विभाजित करने के लिए कथित तौर पर “गलत हथकंडों और वित्तीय प्रलोभनों” के इस्तेमाल का आरोप भी लगाया। उन्होंने केंद्र सरकार के कई मंत्रियों और कुछ राज्यों के मुख्यमंत्रियों से जुड़े कथित भ्रष्टाचार और हितों के टकराव के आरोपों का भी उल्लेख किया। संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हुआ है। विपक्ष ने NEET-UG 2026 विवाद, राम मंदिर चंदे से जुड़े कथित विवाद और अन्य मुद्दों पर चर्चा की मांग की है। इन मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सदन के भीतर और बाहर राजनीतिक टकराव बढ़ने के आसार हैं।
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