नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) के साथ द्विपक्षीय वार्ता के दौरान उन्हें तमिल के प्रसिद्ध शास्त्रीय ग्रंथ तिरुक्कुरल (Thirukkural) का रूसी भाषा में अनुवादित संस्करण भेंट किया।
पुतिन 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए शुक्रवार को नई दिल्ली पहुंचे। उनके आगमन पर विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने उनका स्वागत किया। भारत और रूस के बीच लंबे समय से चले आ रहे रणनीतिक संबंधों के बीच प्रधानमंत्री मोदी की ओर से तिरुक्कुरल की रूसी प्रति भेंट करना दोनों देशों के सांस्कृतिक जुड़ाव को भी दर्शाता है।
क्या है तिरुक्कुरल?
तिरुक्कुरल महान तमिल कवि और संत तिरुवल्लुवर (Thiruvalluvar) की रचना मानी जाती है। इसमें कुल 1,330 दो-पंक्तियों वाले छंद हैं, जिनमें नैतिक और सदाचारी जीवन से जुड़े विचार प्रस्तुत किए गए हैं। इस ग्रंथ की शिक्षाएं किसी एक धर्म, जाति या संप्रदाय तक सीमित नहीं हैं। तिरुक्कुरल के तीन प्रमुख हिस्से हैं—अरम (Aram) यानी सदाचार, पोरुल (Porul) यानी धन और शासन-व्यवस्था तथा इनबम (Inbam) यानी प्रेम। तमिल समाज में तिरुक्कुरल को बेहद सम्मान प्राप्त है और इसे कई बार ‘तमिल वेद’ भी कहा जाता है। विद्वानों के बीच इसे सूक्तिपरक साहित्य की महत्वपूर्ण कृति के रूप में भी मान्यता प्राप्त है।
PM @narendramodi gave a Russian Translation of the Thirukkural to President Putin. pic.twitter.com/TRF5wUWGKg
— DD India (@DDIndialive) September 11, 2026
भारत-रूस व्यापार पर भी होगी चर्चा
द्विपक्षीय बातचीत में भारत और रूस के बीच व्यापार को वर्ष 2030 तक 100 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य भी चर्चा का प्रमुख विषय रहने की संभावना है। फिलहाल दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार करीब 60 अरब डॉलर के स्तर पर बताया गया है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भी भारत-रूस आर्थिक और औद्योगिक साझेदारी को तेजी देने की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने दोनों देशों के कारोबारियों से 2030 तक 100 अरब डॉलर के व्यापार लक्ष्य की दिशा में काम करने का आह्वान किया था।
INNOPROM और औद्योगिक सहयोग पर जोर
दोनों नेताओं की बातचीत में भारत में आयोजित INNOPROM India 2026 की सफलता और इसके जरिए भारत-रूस औद्योगिक सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा होने की संभावना है। INNOPROM के भारत आने से औद्योगिक सहयोग, रेल क्षेत्र और सुरंग निर्माण, इस्पात मूल्य श्रृंखला तथा दोनों देशों के कारोबारियों के बीच नए अवसर बढ़ाने की संभावनाएं बनी हैं। इससे रूसी बाजार तक भारतीय कंपनियों की पहुंच बढ़ाने पर भी जोर दिया जा सकता है।
Delhi | Prime Minister Narendra Modi presented Russian President Vladimir Putin with a Russian translation of the Thirukkural, an ancient Tamil classic. https://t.co/P8cuEpNfVl pic.twitter.com/sn5n9LUmFL
— ANI (@ANI) September 11, 2026
परमाणु ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों पर भी चर्चा संभव
सूत्रों के अनुसार, दोनों नेता नागरिक परमाणु सहयोग को मजबूत करने, ईंधन चक्र और परियोजनाओं के जीवनचक्र से जुड़े सहयोग, परिवहन क्षेत्र में साझेदारी और रूस में भारतीय कुशल श्रमिकों की भागीदारी बढ़ाने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा कर सकते हैं। इसके अलावा महत्वपूर्ण खनिजों (Critical Minerals) और उर्वरक क्षेत्र में रणनीतिक संयुक्त उपक्रमों के जरिए सहयोग बढ़ाने के विकल्पों पर भी बातचीत होने की संभावना है।
12-13 सितंबर को होगा 18वां BRICS शिखर सम्मेलन
भारत 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। भारत की 2026 BRICS अध्यक्षता का विषय “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” रखा गया है। BRICS में वर्तमान में 11 देश—ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात—शामिल हैं। भारत की अध्यक्षता के दौरान विकास, स्थिरता, तकनीक, ऊर्जा, वित्तीय मजबूती और वैश्विक संस्थानों में सुधार जैसे मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
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