कटरा, जम्मू-कश्मीर: जम्मू-कश्मीर में खराब मौसम के कारण छह दिनों तक स्थगित रही श्री माता वैष्णो देवी यात्रा शनिवार को फिर से शुरू कर दी गई। लगातार बारिश, भूस्खलन और अचानक बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने तीर्थयात्रा को एहतियातन रोक दिया था। मौसम की स्थिति की समीक्षा के बाद अधिकारियों ने यात्रा मार्ग को श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित घोषित किया, जिसके बाद यात्रा बहाल कर दी गई।
अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड और सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। यात्रियों को मौसम संबंधी ताजा जानकारी पर नजर रखने और यात्रा के दौरान जारी सुरक्षा सलाह का पालन करने को कहा गया है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है, ताकि यात्रा सुचारू और सुरक्षित तरीके से संचालित हो सके।
लगातार बारिश के बाद लिया गया था यात्रा रोकने का फैसला
जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में लगातार भारी बारिश के बाद यात्रा मार्ग पर भूस्खलन, अचानक बाढ़ और अन्य प्राकृतिक खतरों की आशंका बढ़ गई थी। इसी को देखते हुए प्रशासन ने तीर्थयात्रा को छह दिनों के लिए स्थगित कर दिया था। यात्रा स्थगित होने के कारण कटरा, जो सामान्य दिनों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ से गुलजार रहता है, काफी हद तक सुनसान नजर आया। तीर्थयात्रियों की आवाजाही में भारी गिरावट दर्ज की गई और स्थानीय कारोबार पर भी इसका असर पड़ा।
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— ANI Digital (@ani_digital) July 25, 2026
जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर भी यातायात प्रभावित
खराब मौसम का असर जम्मू-कश्मीर के प्रमुख मार्गों पर भी देखने को मिला। लगातार भारी बारिश के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) पर यातायात रोक दिया गया। कई स्थानों पर भूस्खलन और पहाड़ियों से पत्थर गिरने की घटनाओं के बाद वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई गई।
प्रतिकूल मौसम के बीच कश्मीर के काजीगुंड और उधमपुर की ओर से रामबन जाने वाले वाहनों को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी गई। प्रशासन ने यात्रियों से सड़क की स्थिति सामान्य होने तक धैर्य बनाए रखने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की।
डोडा में नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ा
जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के भलेसा इलाके में भी भारी बारिश हुई। लगातार बारिश के कारण नदियों, नालों और जलधाराओं का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। कई स्थानों पर घरों, फसलों और कृषि भूमि को नुकसान पहुंचने की खबर सामने आई।
फ्लैश फ्लड, बादल फटने और भूस्खलन की घटनाओं के बीच डोडा और किश्तवाड़ प्रशासन ने लोगों से ऊंचाई वाले क्षेत्रों, भूस्खलन की आशंका वाले इलाकों और नदी किनारे जाने से बचने की अपील की है। प्रशासन ने लोगों से मौसम में सुधार होने तक विशेष सावधानी बरतने को कहा है।
बारिश से पहाड़ों पर छाई धुंध, कई इलाकों में विजिबिलिटी कम
लगातार हो रही बारिश ने जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों का नजारा बदल दिया है। आसपास की पहाड़ियां धुंध और निचले बादलों से ढक गई हैं। कई इलाकों में घना कोहरा छाने के कारण दृश्यता काफी कम हो गई, जिससे सड़क यातायात के लिए भी मुश्किलें बढ़ीं। प्रशासन ने यात्रियों और वाहन चालकों से कम दृश्यता के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
सलाल जलाशय में बढ़ा पानी, बांध के सभी गेट खोले गए
रीयासी और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण सलाल जलाशय में पानी की आवक तेजी से बढ़ गई। जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए अधिकारियों ने बांध के सभी गेट खोल दिए। अधिकारियों ने जलाशय और आसपास के इलाकों की स्थिति पर निगरानी बढ़ा दी है। लोगों को जलस्रोतों और नदी-नालों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी गई है।
श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने की अपील
यात्रा बहाल होने के बाद श्रद्धालुओं को राहत मिली है, लेकिन प्रशासन ने साफ किया है कि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे:
- श्राइन बोर्ड और सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का पालन करें।
- यात्रा से पहले मौसम की ताजा जानकारी जरूर लें।
- भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और नदी-नालों से दूर रहें।
- खराब मौसम में अनावश्यक जोखिम न लें।
- किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की मदद लें।
छह दिनों के बाद माता वैष्णो देवी यात्रा फिर शुरू होने से श्रद्धालुओं में उत्साह लौट आया है। हालांकि, जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में बारिश और प्राकृतिक आपदाओं का खतरा अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। ऐसे में प्रशासन ने यात्रियों से सतर्कता और सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है।
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