नागपट्टिनम: बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र गहरे दबाव में बदलने के बाद चक्रवात की आशंका बढ़ गई है। इसके मद्देनजर तमिलनाडु और पुडुचेरी के नौ बंदरगाहों पर चक्रवात चेतावनी संकेत जारी किए गए हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, यह मौसम प्रणाली और तीव्र होकर 28 अक्टूबर के आसपास आंध्र प्रदेश के तट से टकरा सकती है।

मौसम विभाग के मुताबिक, 24 अक्टूबर को बंगाल की खाड़ी के मध्य-पूर्वी और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी हिस्से में बना यह सिस्टम उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और अधिक शक्तिशाली होने की संभावना है। इसके 28 अक्टूबर की सुबह तक आंध्र प्रदेश के तट के पास पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान का रूप लेने का अनुमान है।

28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की आशंका

IMD के अनुसार, यह चक्रवाती तूफान 28 अक्टूबर को पूर्वाह्न के आसपास बापटला और विशाखापत्तनम के बीच आंध्र प्रदेश तथा यानम के तट से टकरा सकता है। इस दौरान हवा की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटा रहने और झोंकों के साथ 140 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की आशंका है।

नौ बंदरगाहों पर चेतावनी संकेत जारी

चक्रवात की आशंका को देखते हुए चेन्नई, नागपट्टिनम, कुड्डालोर, कराईकल, पंबन और तूतीकोरिन सहित नौ बंदरगाहों पर चेतावनी संकेत लगाए गए हैं। अधिकारियों की ओर से मौसम की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

पुडुचेरी और तमिलनाडु में लगातार बारिश

पुडुचेरी और आसपास के क्षेत्रों में शनिवार रात से लगातार बारिश हो रही है। इस क्षेत्र में उत्तर-पूर्वी मानसून सक्रिय बना हुआ है। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, पुडुचेरी, कराईकल और तमिलनाडु के आसपास के जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहने की संभावना है।

लगातार बारिश के कारण पुडुचेरी के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति सामने आई है। कोस्ट रोड, कृष्णा नगर और लासपेट सरम जैसे शहरी क्षेत्रों में जमा पानी से स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। निवासियों ने प्रशासन से जल्द जल निकासी की व्यवस्था करने और प्रभावित इलाकों में राहत पहुंचाने की मांग की है।

IMD ने जारी किया मौसम का विशेष अपडेट

मौसम विभाग ने 24 अक्टूबर को सुबह 5:30 बजे दर्ज किए गए अवलोकनों के आधार पर विशेष संदेश संख्या तीन जारी किया था। विभाग ने बताया कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र पहले स्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र में बदला और फिर इसके अवदाब में तब्दील होने का अनुमान जताया गया।

IMD के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने भी बताया था कि मौसम प्रणाली के 24 अक्टूबर को अवदाब, 25 अक्टूबर को गहरे अवदाब और 26 अक्टूबर की सुबह चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना है। इसके बाद इसके उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए 28 अक्टूबर के आसपास उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के निकट पहुंचने का अनुमान है।

हवा की गति पहले ही 35 से 45 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई

मौसम विभाग के अनुसार, इस सिस्टम के प्रभाव से बंगाल की खाड़ी के मध्य-पूर्वी और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में हवा की गति पहले ही 35 से 45 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई थी, जबकि झोंकों के साथ यह 55 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच रही थी।