कोलकाता, पश्चिम बंगाल: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शुक्रवार को पश्चिम बंगाल पहुंचे, जहां वे विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए पार्टी के केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में अहम बैठक की अध्यक्षता करेंगे। वह आज बाद में भाजपा विधायक दल की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। भाजपा के शीर्ष सूत्रों के अनुसार, अमित शाह का यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि पार्टी चुनाव बाद की रणनीति और सरकार गठन को लेकर सक्रिय रूप से चर्चा कर रही है।
पश्चिम बंगाल पहुंचते ही गृह मंत्री वरिष्ठ पार्टी नेताओं और कोर कमेटी के सदस्यों के साथ एक अहम बैठक करेंगे। इस बैठक में मौजूदा राजनीतिक स्थिति का आकलन, संगठनात्मक तैयारियों की समीक्षा और आगे की रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक भाजपा विधायक दल की बैठक से पहले अमित शाह पार्टी नेताओं के साथ शपथ ग्रहण समारोह को लेकर भी विस्तृत चर्चा करेंगे। नई कैबिनेट की रूपरेखा, मंत्रियों के विभाग और सरकार की प्राथमिकताओं पर भी बातचीत होने की उम्मीद है।
#WATCH | Union Home Minister Amit Shah arrives in Kolkata, West Bengal Union HM Amit Shah, who has been appointed as the Central Observer for the election of the legislative party leader in West Bengal, will chair the Legislative Party meeting today. pic.twitter.com/xDYCz7CI8F
— ANI (@ANI) May 8, 2026
जेपी नड्डा, नायब सिंह सैनी को मिली बड़ी जिम्मेदारियां
इससे पहले अमित शाह को पश्चिम बंगाल के लिए भाजपा का केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया था, जबकि मोहन चरण माझी को केंद्रीय सह-पर्यवेक्षक बनाया गया। वहीं भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को असम में विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है, जबकि नायब सिंह सैनी केंद्रीय सह-पर्यवेक्षक होंगे।
असम में NDA ने लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की
विधानसभा चुनाव परिणामों में भाजपा ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए पश्चिम बंगाल में पहली बार सरकार बनाने का रास्ता साफ किया है, जबकि असम में NDA ने लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की है। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम बंगाल की 294 सीटों में से भाजपा ने 206 सीटें जीत ली हैं। यह 2021 विधानसभा चुनाव में मिली 77 सीटों की तुलना में बड़ी बढ़त है। वहीं ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस, जिसने पिछले चुनाव में 212 सीटें जीती थीं, इस बार 80 सीटों पर सिमट गई।