असम में 2 लाख सरकारी नौकरियां देने के लिए प्रतिबद्ध सरकार: हिमंत बिस्वा सरमा

By  Preeti Kamal May 26th 2026 03:00 PM -- Updated: May 26th 2026 02:22 PM

असम: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को कहा कि उनकी सरकार राज्य में 2 लाख सरकारी नौकरियां देने और अतिक्रमण की गई चार (नदी तटीय) तथा वन भूमि को मुक्त कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

राज्य विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारी सरकार राज्य में 2 लाख सरकारी नौकरियां देने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही हमें ऐसे युवाओं की पीढ़ी तैयार करनी होगी जो मजबूत उद्यमशीलता माहौल बनाकर दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकें।”

'यूनिफॉर्म सिविल कोड, असम बिल 2026' पेश हुआ

मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारी सरकार अतिक्रमित चार क्षेत्रों और वन भूमि को मुक्त कराने तथा राज्य के विकास और व्यापक हित में उनका उपयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है।” हिमंत बिस्वा सरमा ने यह भी कहा कि उनकी सरकार ने सभी नागरिकों के अधिकारों की रक्षा और न्याय व समानता सुनिश्चित करने के लिए विधानसभा में 'यूनिफॉर्म सिविल कोड, असम बिल 2026' पेश किया है।

35 प्रतिशत आबादी गरीबी रेखा (BPL) से बाहर

मुख्यमंत्री सरमा ने कहा, “हमें गर्व है कि नई सरकार के पहले ही विधानसभा सत्र में हमने यूनिफॉर्म सिविल कोड बिल पेश किया, ताकि सभी नागरिकों को न्याय और समान अधिकार मिल सकें।” उन्होंने कहा कि नीति आयोग के अनुसार असम की 35 प्रतिशत आबादी गरीबी रेखा (BPL) से बाहर निकल चुकी है।

उन्होंने कहा, “असम का मातृ मृत्यु दर (MMR) 2006 में प्रति लाख 480 से घटकर 2026 में 84 हो गया है, जो राष्ट्रीय औसत 87 से भी बेहतर है। पिछले पांच वर्षों में असम की अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इस वर्ष असम का GSDP 8.71 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है और 2028 तक राज्य 10 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है।”

GSDP बढ़कर अब अनुमानित 8.72 लाख करोड़ रुपये हुई

मुख्यमंत्री ने बताया कि 2021-22 में 4 लाख करोड़ रुपये का GSDP बढ़कर अब अनुमानित 8.72 लाख करोड़ रुपये हो गया है, जो 13 से 15 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर दर्शाता है। उन्होंने कहा कि शांति वार्ताओं के जरिए असम को नई दिशा मिली है। “पहले असम हिंसा, बंद, हड़ताल और बम धमाकों के लिए जाना जाता था, लेकिन 2016 के बाद स्थायी शांति स्थापित करने के प्रयास शुरू हुए। आज नया असम तेज विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार और सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए पहचाना जा रहा है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि असम धीरे-धीरे हिंसा मुक्त और प्रगतिशील राज्य बन रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में 40 लाख महिलाएं स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी हैं। “हमें उनकी क्षमता का पूरा उपयोग करना होगा, क्योंकि वे राज्य के GDP में 20 से 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर सकती हैं।”

गाय की कुर्बानी से परहेज करने की अपील स्वीकार

ईद-अल-अजहा को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा, “कई ईदगाह समितियों ने सभी समुदायों की भावनाओं का सम्मान करते हुए गाय की कुर्बानी से परहेज करने की हमारी अपील स्वीकार की। यह सामाजिक सौहार्द, आपसी सम्मान और एकता का मजबूत संदेश है।”

स्वास्थ्य क्षेत्र पर बात करते हुए हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि असम में तेजी से स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में 14 मेडिकल कॉलेज बनकर तैयार हो चुके हैं और 11 अन्य निर्माणाधीन हैं। उन्होंने कहा, “अगले पांच वर्षों में सरकार ‘वन डिस्ट्रिक्ट-थ्री इंस्टीट्यूशंस’ के विजन पर काम करेगी, जिसके तहत हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज, एक इंजीनियरिंग कॉलेज और एक विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा।”

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