नई दिल्ली, भारत: हालिया विधानसभा चुनावों में शानदार जीत के बाद असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने दिल्ली में कई अहम केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर राज्य के विकास, रक्षा उद्योग और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को लेकर व्यापक चर्चा की। मुख्यमंत्री ने रविवार को केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की। इन बैठकों में असम को रक्षा विनिर्माण और क्षेत्रीय कूटनीति के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर दिया गया।

राजनाथ सिंह के साथ हुई बैठक में असम को केवल सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सीमावर्ती राज्य के बजाय भारत के रक्षा उद्योग में सक्रिय भागीदार बनाने पर चर्चा हुई। हिमंत बिस्वा सरमा ने रक्षा मंत्री के चुनाव प्रचार में दिए गए योगदान के लिए आभार व्यक्त करते हुए उन्हें "ज्ञान और अनुभव का भंडार" बताया।

"मेरा पहला उद्देश्य उनका आशीर्वाद लेना था"

बैठक के बाद सरमा ने कहा, "मेरा पहला उद्देश्य उनका आशीर्वाद लेना था। आगे बढ़ते हुए उन्होंने सुझाव दिया कि असम में एक बड़ा डिफेंस एक्सपो और सम्मेलन आयोजित किया जाए, जिसमें रक्षा क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रमों और निजी उद्योगों को आमंत्रित किया जाए।"

उन्होंने बताया कि रक्षा मंत्री ने इस पहल के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है। इसके बाद असम सरकार राज्य में एक बड़े रक्षा प्रदर्शनी आयोजन की तैयारी शुरू करेगी, जिससे रक्षा उत्पादन क्षेत्र में निवेश आकर्षित किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से की मुलाकात

इसके बाद मुख्यमंत्री ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की। बैठक में केंद्र सरकार की 'एक्ट ईस्ट' नीति के तहत दक्षिण-पूर्व एशिया के प्रवेश द्वार के रूप में असम की रणनीतिक भूमिका पर चर्चा हुई। जयशंकर ने हिमंत बिस्वा सरमा को चुनावी जीत की बधाई देते हुए राज्य के विकास के लिए विदेश मंत्रालय की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

विदेश मंत्री ने मुख्यमंत्री से हुई मुलाक़ात पर ज़ाहिर की ख़ुशी

विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा, "असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से मुलाकात कर खुशी हुई। उन्हें शानदार चुनावी जीत की बधाई दी और असम के आगे के विकास एवं प्रगति के लिए पूर्ण समर्थन का भरोसा दिलाया।"

इन लगातार हुई उच्चस्तरीय बैठकों से संकेत मिलता है कि असम सरकार अब राज्य को तेज औद्योगिकीकरण, रक्षा उत्पादन और अंतरराष्ट्रीय संपर्क के नए केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।