फतेहगढ़ साहिब, पंजाब: प्रस्तावित भारत-अमरीका व्यापार समझौते के विरोध में 'देश बचाओ मोर्चा' के बैनर तले किसानों ने मंगलवार को दिल्ली की ओर अपना मार्च शुरू कर दिया। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर के नेतृत्व में किसान फतेहगढ़ साहिब स्थित गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब से रवाना हुए। किसानों का कहना है कि उनकी प्रमुख मांग प्रस्तावित भारत-अमरीका ट्रेड डील को रद्द करना है।
किसान दिल्ली पहुंचकर किसान घाट पर शांतिपूर्ण धरना और चार घंटे की रैली आयोजित करना चाहते हैं। किसानों का आंदोलन प्रस्तावित भारत-अमरीका द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर लगातार तेज हो रहा है। प्रदर्शनकारी आशंका जता रहे हैं कि कृषि और डेयरी क्षेत्र को समझौते में शामिल किए जाने से घरेलू किसानों की आय और आजीविका प्रभावित हो सकती है।
Watch | Punjab: A large number of farmers from Punjab, who were heading to Delhi to participate in a Kisan Mahapanchayat at Kisan Ghat, were stopped at the Shambhu border between Punjab and Haryana. Haryana Police put up barricades to prevent the farmers from moving ahead as… pic.twitter.com/1yJOBG6ywj
— United News of India (@uniindianews) July 21, 2026
गुरुद्वारे में माथा टेकने के बाद शुरू हुआ मार्च
सरवन सिंह पंधेर के नेतृत्व में किसान सुबह करीब 6 बजे बसों, जीप, मिनी बसों और निजी वाहनों से दिल्ली के लिए रवाना हुए। मार्च शुरू करने से पहले किसानों ने गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब में माथा टेका। पंधेर ने कहा, “यह पूरी दुनिया के लिए एक ऐतिहासिक स्थान है, जहां छोटे साहिबजादों ने शहादत दी। यहां रुकने के बाद और गुरुद्वारे में माथा टेकने के बाद अब हम शंभू बॉर्डर की ओर जा रहे हैं। हमारा मुख्य मुद्दा है कि भारत-US ट्रेड डील रद्द की जाए।”
शंभू बॉर्डर बंद होने पर जताई नाराजगी
किसान नेता ने कहा कि उन्हें शंभू बॉर्डर बंद किए जाने की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि किसानों से बातचीत कर समस्या का समाधान करने के बजाय सरकार टकराव और दमन का रास्ता अपना रही है। पंधेर ने कहा, “देश के युवाओं, किसानों और मजदूरों की आवाज नहीं सुनी जा रही है। हम यह बात देश के सामने रखेंगे और जनता इसका जवाब देगी।” उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन ने किसानों को शंभू बॉर्डर पर रोक दिया तो वे सड़क पर शांतिपूर्ण धरना देंगे और शाम 4 बजे तक वहीं बैठेंगे।
Fatehgarh Sahib, Punjab: On a Rally against the India-US Agricultural Trade Deal, Kisan Leader Sarwan Singh Pandher says, "I think we want to put this issue in front of 140 crore people all over the country. Is Punjab not considered a part of the country. We should also have the… pic.twitter.com/5xx56T7jSy
— IANS (@ians_india) July 21, 2026
कृषि और डेयरी सेक्टर को लेकर किसानों की चिंता
किसानों का मुख्य विरोध प्रस्तावित व्यापार समझौते में कृषि और डेयरी क्षेत्र को शामिल किए जाने को लेकर है। किसानों को आशंका है कि अमरीका से सस्ते मक्का, सोयाबीन, कपास और डेयरी उत्पादों का आयात बढ़ने से घरेलू फसलों की कीमतों पर दबाव पड़ेगा। किसानों का मानना है कि इससे विशेष रूप से पंजाब और हरियाणा के किसानों को आर्थिक नुकसान हो सकता है।
सरवन सिंह पंधेर ने भारत में जेनेटिकली मॉडिफाइड (GM) फसलों और कृषि उत्पादों के संभावित प्रवेश को लेकर भी चिंता जताई। इसके साथ ही उन्होंने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी की पुरानी मांग दोहराई।
पंधेर का पीयूष गोयल पर निशाना
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के बयानों का जिक्र करते हुए पंधेर ने कहा कि सरकार कृषि और डेयरी क्षेत्र में कोई समझौता नहीं होने की बात कह रही है, लेकिन किसानों को लगता है कि समझौता पहले ही हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमरीका की ओर से जारी जानकारी में कपास, सोयाबीन, मक्का, सूखे मेवे, सेब, नाशपाती और अन्य कृषि उत्पादों का जिक्र है। पंधेर ने कहा कि “वाइड रेंज ट्रेड एग्रीमेंट” में व्यापक स्तर पर कृषि उत्पाद शामिल हो सकते हैं। हालांकि, ये आरोप किसान नेता के दावे हैं और प्रस्तावित व्यापार समझौते की अंतिम शर्तों को लेकर आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
टकराव नहीं, शांतिपूर्ण प्रदर्शन का दावा
पंधेर ने कहा कि किसान अपनी ओर से किसी तरह का टकराव शुरू नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि दिल्ली पहुंचने के बाद किसान नेता बैठक कर आगे की रणनीति तय करेंगे। उन्होंने पंजाब और देशभर के सांसदों से संसद के मॉनसून सत्र के दौरान किसानों और मजदूरों की आवाज उठाने की अपील की।
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