नई दिल्ली में मंगलवार को राजनीतिक हलचल उस समय तेज हो गई जब कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सांसद प्रधानमंत्री आवास के निकट धरने पर बैठ गए। यह प्रदर्शन जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के विरोध में आयोजित किया गया। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कई वरिष्ठ नेता इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।
विपक्ष का आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस ने बल प्रयोग किया, जबकि सरकार का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए। इसी मुद्दे को लेकर संसद के अंदर और बाहर सियासी टकराव लगातार बढ़ता नजर आ रहा है।
#WATCH | Delhi: Congress leaders including party president Mallikarjun Kharge, Lok Sabha LoP Rahul Gandhi, Priyanka Gandhi Vadra, KC Venugopal, Pawan Khera and others are holding a protest demanding the resignations of Prime Minister and Education Minister Dharmendra Pradhan. pic.twitter.com/bmWWpPNpOc
— ANI (@ANI) July 21, 2026
PM आवास की ओर मार्च, रास्ते में धरना
विपक्षी सांसद संसद परिसर से प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च करते हुए निकले। हालांकि सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने उन्हें लोक कल्याण मार्ग के पास रोक दिया। इसके बाद राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और अन्य सांसद वहीं धरने पर बैठ गए।
धरने के दौरान कई सांसदों ने अपने दोनों हाथों को प्रतीकात्मक रूप से नायलॉन की रस्सियों से बांध लिया। विपक्ष का कहना था कि यह लोकतांत्रिक आवाज को दबाए जाने का प्रतीक है और वे छात्रों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए ऐसा कर रहे हैं।
राहुल गांधी ने सरकार पर साधा निशाना
धरने के दौरान राहुल गांधी ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष प्रधानमंत्री से छात्रों पर हुई कार्रवाई को लेकर जवाब चाहता है। उनके अनुसार, यह केवल छात्रों का मुद्दा नहीं बल्कि देश के युवाओं के भविष्य और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा विषय है।
राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार इस मुद्दे पर संसद में चर्चा से बच रही है और जवाबदेही स्वीकार नहीं करना चाहती।
जितेंद्र सिंह पहुंचे धरना स्थल
धरने के दौरान केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और राहुल गांधी सहित विपक्षी नेताओं से बातचीत की। उनके साथ वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने प्रदर्शन समाप्त करने और संवाद के जरिए समाधान निकालने की अपील की।
हालांकि विपक्षी नेताओं ने अपनी मांगों पर जोर देते हुए कहा कि जब तक छात्रों से जुड़े मुद्दे पर सरकार स्पष्ट जवाब नहीं देती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
कई नेताओं को हिरासत में लिया गया
मार्च के दौरान पुलिस ने कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया। इनमें पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी भी शामिल रहे। हिरासत में लिए जाने के बाद उन्होंने सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया।
कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि यदि निर्वाचित सांसदों के साथ ऐसा व्यवहार हो सकता है तो आम छात्रों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
वहीं राज्यसभा सांसद सैयद नासिर हुसैन ने आरोप लगाया कि विपक्ष इस मुद्दे को संसद में उठाना चाहता था, लेकिन चर्चा का अवसर नहीं मिला। उन्होंने कहा कि इसी वजह से विपक्षी सांसद प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च करने को मजबूर हुए।
सुरक्षा व्यवस्था रही कड़ी
प्रदर्शन को देखते हुए लोक कल्याण मार्ग और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। बड़ी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। प्रशासन ने यातायात पर भी निगरानी रखी और कई मार्गों पर सुरक्षा कारणों से अतिरिक्त व्यवस्था की गई।
राजनीतिक माहौल हुआ गर्म
इस विरोध प्रदर्शन ने संसद के मानसून सत्र के बीच राजनीतिक माहौल को और अधिक गर्म कर दिया है। विपक्ष जहां छात्रों के मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है, वहीं सरकार कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक कार्रवाई को उचित ठहरा रही है।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या सरकार और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर कोई सहमति बनती है या यह विवाद आने वाले दिनों में और बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन जाएगा।
Add GTC Bharat on Google