डिब्रूगढ़, असम: केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार को कहा कि सरकार के लिए हर मुद्दे या सोशल मीडिया ट्रेंड पर प्रतिक्रिया देना जरूरी नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार गंभीर कार्यों में लगी हुई है और देश जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों से चलता है।

असम के डिब्रूगढ़ में मीडिया से बातचीत करते हुए किरेन रिजिजू ने कहा, “हम गंभीर काम में लगे हुए हैं। हर चीज पर प्रतिक्रिया देना सही नहीं है... इससे कुछ नहीं होगा। देश जनता चलाती है। लोग वोट देते हैं, अपने प्रतिनिधि चुनते हैं और देश की सेवा करते हैं। हम गंभीर मुद्दों पर ध्यान देते हैं, लेकिन हर चीज पर टिप्पणी करना जरूरी नहीं है।”

'कॉकरोच' और 'परजीवी' जैसे शब्दों का किया गया इस्तेमाल

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अदालत ने एक कानूनी याचिका पर सुनवाई के दौरान कुछ बेरोजगार सोशल मीडिया एक्टिविस्ट्स को लेकर 'कॉकरोच' और 'परजीवी' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था। हालांकि बाद में मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणी को गलत तरीके से पेश किया गया और वह केवल फर्जी कानून डिग्री इस्तेमाल करने वालों के लिए कही गई थी।

'कॉकरोच जनता पार्टी' नाम से ऑनलाइन अभियान शुरू हुआ

इसके बावजूद सोशल मीडिया पर Gen Z और मिलेनियल यूजर्स ने 'कॉकरोच' शब्द को व्यंग्यात्मक पहचान बना लिया और 'कॉकरोच जनता पार्टी' नाम से एक ऑनलाइन अभियान शुरू कर दिया। देखते ही देखते इस अभियान ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर बड़ी लोकप्रियता हासिल कर ली और शिक्षा व रोजगार से जुड़े मुद्दों को लेकर बहस तेज हो गई।

'कॉकरोच जनता पार्टी' के खिलाफ कार्रवाई की मांग

इसी बीच, सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) भी दायर की गई है, जिसमें 'कॉकरोच जनता पार्टी' के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि इस समूह ने अदालत की मौखिक टिप्पणियों का व्यावसायिक और प्रचारात्मक इस्तेमाल किया। अधिवक्ता राजा चौधरी द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि 'कॉकरोच जनता पार्टी' ने न्यायिक विवाद और अदालत की मौखिक टिप्पणियों का इस्तेमाल ब्रांडिंग, प्रचार और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर कमाई के लिए किया।