छात्र आंदोलन के बीच इंटरनेट शटडाउन पर हाई कोर्ट सख्त, आज होगी PIL पर सुनवाई
जंतर-मंतर के आसपास मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद करने के सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली PIL पर दिल्ली हाई कोर्ट में आज 2:30 बजे सुनवाई होगी। याचिका में इंटरनेट शटडाउन को मनमाना और मौलिक अधिकारों का उल्लंघन बताया गया है।
नई दिल्ली: जंतर-मंतर के आसपास मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद करने के सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली जनहित याचिका (PIL) पर दिल्ली हाई कोर्ट आज सुनवाई करेगा। यह याचिका राजधानी में जारी छात्र विरोध प्रदर्शनों के बीच इंटरनेट सेवाओं पर लगाए गए प्रतिबंध के खिलाफ दायर की गई है।
मामले को दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की डिवीजन बेंच के सामने तत्काल सुनवाई के लिए पेश किया गया। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कोर्ट से मामले की जल्द सुनवाई की मांग की थी। इसके बाद अदालत ने शुक्रवार को दोपहर 2:30 बजे मामले की सुनवाई करने पर सहमति जताई। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कॉलिन गोंसाल्वेस के पेश होने की संभावना है।
इंटरनेट बंदी को बताया गया मनमाना और असंगत
PIL में जंतर-मंतर के आसपास मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद करने के फैसले को चुनौती दी गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि इंटरनेट सेवाओं पर लगाया गया प्रतिबंध मनमाना, असंगत और नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। याचिकाकर्ता ने हाई कोर्ट से सरकार के इस फैसले की न्यायिक समीक्षा करने और उचित राहत देने की मांग की है।
1.5 किलोमीटर के दायरे में इंटरनेट सेवाएं बंद
गृह मंत्रालय के निर्देश के बाद गुरुवार को जंतर-मंतर के आसपास करीब 1.5 किलोमीटर के दायरे में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद करने का आदेश दिया गया था। यह प्रतिबंध शाम 4 बजे से आधी रात तक लागू किया गया।
हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक इंटरनेट बंदी का असर जंतर-मंतर से आगे तक देखने को मिला। मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन के आसपास भी मोबाइल डेटा सेवाएं प्रभावित होने की बात सामने आई, जो प्रदर्शन स्थल से करीब दो किलोमीटर दूर है।
कनॉट प्लेस में भी कारोबारी गतिविधियां प्रभावित
प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था के चलते कनॉट प्लेस में भी कारोबारी गतिविधियों पर असर पड़ा। नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (NDTA) की ओर से दुकानों, दफ्तरों और रेस्तरां को शाम 6:30 बजे तक बंद करने की अपील की गई थी।
एसोसिएशन के मुताबिक, यह सलाह नई दिल्ली नगर परिषद (NDMC) के चेयरपर्सन और वाइस चेयरपर्सन की ओर से मिले टेलीफोनिक निर्देशों के बाद जारी की गई। कारोबारियों से किसी अप्रिय घटना या संपत्ति को नुकसान से बचने के लिए सहयोग करने को कहा गया।
छात्र प्रदर्शन के बीच बढ़ी सुरक्षा
जंतर-मंतर पर छात्र संगठनों और प्रदर्शनकारियों का विरोध प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे समेत शिक्षा व्यवस्था और कथित NEET पेपर लीक मामले में जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
प्रदर्शन को देखते हुए सेंट्रल दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। अब इंटरनेट सेवाओं को निलंबित करने का मामला दिल्ली हाई कोर्ट पहुंच गया है। आज की सुनवाई में अदालत यह देखेगी कि सरकार का यह फैसला कानूनी और संवैधानिक कसौटी पर कितना उचित है।