सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद NCERT ने बदला पाठ्यक्रम, नई किताब जल्द होगी बाजार में...

By  Preeti Kamal May 5th 2026 01:50 PM -- Updated: May 5th 2026 01:08 PM

नई दिल्ली, भारत: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद की कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक, जिसे पहले Supreme Court of India ने न्यायपालिका में भ्रष्टाचार से जुड़े एक अध्याय के कारण प्रतिबंधित कर दिया था, अब संशोधित कर दी गई है और इसके एक सप्ताह के भीतर जारी होने की संभावना है। यह जानकारी शिक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने दी।

संशोधित पुस्तक को एनसीईआरटी द्वारा गठित विशेषज्ञ समिति से मंजूरी मिल चुकी है, जिसने न्यायपालिका से जुड़े विवादित अध्याय की समीक्षा की थी। अंतिम स्वीकृति एनसीईआरटी की सिलेबस समिति की बैठक के बाद मिलने की उम्मीद है। सूत्रों के अनुसार, “संशोधित पुस्तक को विशेषज्ञ पैनल ने मंजूरी दे दी है। अब सिलेबस समिति की बैठक होगी, जिसके बाद अंतिम स्वीकृति मिल जाएगी। इस सप्ताह के अंत तक प्रिंटिंग शुरू होने की संभावना है।”

किताबों की उपलब्धता में देरी का सामना कर रहे छात्र

यह कदम ऐसे समय में आया है जब 1 अप्रैल से शुरू हुए नए शैक्षणिक सत्र के कारण छात्रों को एनसीईआरटी की किताबों की उपलब्धता में देरी का सामना करना पड़ रहा है। संशोधित संस्करण की छपाई जल्द शुरू होने की उम्मीद है और यह पुस्तक एक सप्ताह के भीतर बाजार में उपलब्ध हो सकती है।

SC ने कक्षा 8 की किताब पर लगाया था प्रतिबंध

एनसीईआरटी ने मार्च में कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की किताब 'Exploring Society: India and Beyond (Part II)' को वापस ले लिया था, जब सुप्रीम कोर्ट ने इसके प्रकाशन, पुनर्मुद्रण और डिजिटल प्रसार पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था। अदालत ने न्यायपालिका से जुड़े अध्याय के कुछ हिस्सों को “आपत्तिजनक” बताया था और कहा था कि इस सामग्री से संस्था की छवि को नुकसान पहुंचा है।

NCERT ने बिना किसी शर्त के मांगी माफ़ी

इसके बाद एनसीईआरटी ने बिना शर्त माफी मांगते हुए कहा था कि “हम बिना किसी शर्त के माफी मांगते हैं... यह पूरी पुस्तक वापस ले ली गई है और उपलब्ध नहीं है।” सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया था कि स्कूल की पाठ्यपुस्तकों में विधि (Legal Studies) से जुड़े विषयों को अंतिम रूप देने के लिए विशेषज्ञ समिति गठित की जाए और सोशल मीडिया पर भ्रामक सामग्री के प्रसार को लेकर भी चेतावनी दी थी।

न्यायपालिका से जुड़े अध्याय को फिर से लिखने के लिए समिति

इसके बाद केंद्र ने अदालत को बताया कि न्यायपालिका से जुड़े अध्याय को फिर से लिखने के लिए विशेषज्ञों की एक समिति बनाई गई है। अलग से, एनसीईआरटी ने कक्षा 8 और उससे ऊपर के पाठ्यक्रम को देखने के लिए 20 सदस्यीय नेशनल सिलेबस एंड टीचिंग लर्निंग मैटेरियल कमेटी (NSTC) का पुनर्गठन किया है।

नई समिति में प्रमुख सदस्यों के सदस्य थे शामिल

इस नई समिति में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास, भारतीय ऐतिहासिक अनुसंधान परिषद और नेशनल लॉ स्कूल ऑफ़ इंडिया यूनिवर्सिटी जैसे प्रमुख संस्थानों के सदस्य शामिल हैं। नए सदस्यों में वी. कामाकोटी (निदेशक, IIT मद्रास), रघुवेंद्र तंवर (अध्यक्ष, ICHR), पूर्व कुलपति आर. वेंकट राव (NLSIU) और अमरेंद्र प्रसाद बेहरा (NCERT) शामिल हैं। वहीं, विवाद के बाद मिशेल डैनिनो, बिबेक देबरॉय और एम.डी. श्रीनिवास को समिति से हटा दिया गया है।

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