यूपी बोर्ड एग्जाम 2026 रिजल्ट घोषित: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) की वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षा-2026 का परिणाम घोषित हो गया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने हाई स्कूल परिणाम देखने का लिंक upmsp.edu.in और upresults.nic.in पर जारी किया है। इस दौरान शिक्षा मंत्री गुलाब देवी भी उपस्थित रहीं। आपको बता दें कि वेबसाइट के अलावा, UMANG App पर भी परिणाम देखा जा सकता है।
यूपी बोर्ड के अधिकारियों ने इस साल 10वीं क्लास में टॉप करने वाले स्टूडेंट्स के नामों का ऐलान भी कर दिया है। टॉपर्स की लिस्ट में छात्राओं ने ज्यादा जगह बनाई है। आज 23 अप्रैल को हाई स्कूल के रिजल्ट की घोषणा हो चुकी है।
“डॉ. महेंद्र देव, निदेशक, माध्यमिक शिक्षा, उत्तर प्रदेश द्वारा परीक्षाफल घोषणा”#शिक्षा_का_समारोह #UPMSPपरीक्षाफल घोषणा से प्रमुख अंश- pic.twitter.com/7qG4kMIYal
— Madhyamik Shiksha Parishad, Uttar Pradesh (@upboardpryj) April 23, 2026
पहला स्थान कशिश वर्मा और अंशिका वर्मा ने प्राप्त किया
पूरे राज्य में 10वीं क्लास में पहला स्थान कशिश वर्मा और अंशिका वर्मा ने प्राप्त किया है। दोनों छात्राओं ने 97.83 प्रतिशत अंकों के साथ रैंक 1 हासिल की है। उनके बाद दूसरे स्थान पर 97.50 प्रतिशत अंकों के साथ अदिति रही हैं। तीसरे स्थान पर तीन छात्र टॉपर रहे हैं।
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परीक्षा सम्पन्न कराने के लिए कराए गए थे पुख्ता इंतजाम
इस वर्ष परीक्षाएं प्रदेश भर के 8,033 केंद्रों पर आयोजित की गईं, जो 15 कार्य दिवसों में पूरी हुईं। बोर्ड प्रशासन के अनुसार परीक्षा प्रक्रिया को सुव्यवस्थित, पारदर्शी और नकलविहीन बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए थे।
बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक: हाईस्कूल (10वीं) का उत्तीर्ण प्रतिशत 90.42% रहा इंटरमीडिएट (12वीं) का उत्तीर्ण प्रतिशत 80.38% दर्ज किया गया।यह परिणाम पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर माने जा रहे हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि छात्रों की तैयारी और मूल्यांकन प्रक्रिया दोनों में सुधार हुआ है।
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मूल्यांकन प्रक्रिया भी समय पर पूरी
परीक्षाओं के बाद उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 254 केंद्रों पर किया गया। बोर्ड ने यह सुनिश्चित किया कि मूल्यांकन तय समयसीमा के भीतर पूरा हो, जिससे परिणाम घोषित करने में कोई देरी न हो।
पारदर्शिता और निगरानी पर विशेष जोर
इस वर्ष परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कई तकनीकी उपाय अपनाए गए। परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी, उड़नदस्तों की तैनाती और डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया गया। इससे नकल और अन्य अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण रखा गया।
छात्रों की मेहनत रंग लाई
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर परिणामों के पीछे छात्रों की कड़ी मेहनत, शिक्षकों का मार्गदर्शन और ऑनलाइन-ऑफलाइन संसाधनों का संतुलित उपयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
“परीक्षाफल केवल अंक नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के परिश्रम और संकल्प का प्रतीक है। जिन विद्यार्थियों का परिणाम अपेक्षा के अनुरूप नहीं है, वे निराश न हों—आगे सुधार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध हैं।”— डॉ. महेंद्र देव, निदेशक, माध्यमिक शिक्षा, उत्तर प्रदेश#UPBoardResult
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आगे की राह
अब सफल छात्र उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की ओर कदम बढ़ाएंगे। वहीं, असफल या कम अंक पाने वाले छात्रों के लिए सुधार परीक्षा (compartment) का विकल्प उपलब्ध रहेगा, जिससे वे अपने परिणाम बेहतर कर सकें। साथ ही बोर्ड ने सभी छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से लें और आगे की योजनाओं पर ध्यान केंद्रित करें।