सुरों की मलिका आशा भोसले को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई, बेटे आनंद ने दी मुखाग्नि...
मुंबई, महाराष्ट्र: दिग्गज गायिका आशा भोसले का सोमवार को मुंबई के शिवाजी पार्क श्मशान घाट में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। आठ दशकों से अधिक समय तक अपनी आवाज़ से पीढ़ियों को मंत्रमुग्ध करने वाली इस महान कलाकार को अंतिम विदाई देने के लिए बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए। “आशा ताई” के नाम से मशहूर आशा भोसले के पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटा गया था और मुंबई पुलिस की पारंपरिक गन सैल्यूट के बाद उन्हें पंचतत्व में विलीन कर दिया गया।
पूरे शहर में शोक का माहौल रहा, जहां प्रशंसकों, राजनीतिक नेताओं और फिल्म व संगीत जगत से जुड़े लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। उनके बेटे आनंद ने अंतिम संस्कार की रस्में निभाईं। गायकों शान और सुदेश भोसले ने अंतिम विदाई से पहले उन्हें संगीत श्रद्धांजलि भी दी।
फिल्म जगत की कई हस्तियां भी श्रद्धांजलि देने पहुंचीं
फिल्म जगत की कई हस्तियां भी श्रद्धांजलि देने पहुंचीं, जिनमें विक्की कौशल, आमिर खान, विवेक ओबेरॉय, पद्मिनी कोल्हापुरी और जैकी श्रॉफ शामिल थे। राजनीतिक जगत से देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे ने भी अंतिम संस्कार में पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके अलावा सुप्रिया सुले, उद्धव ठाकरे, रश्मि ठाकरे और आदित्य ठाकरे ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी।

लोगों ने फूल अर्पित कर नम आंखों से विदा किया
इससे पहले रणवीर सिंह और रितेश देशमुख ने उनके निवास पर पहुंचकर शोक व्यक्त किया। वरिष्ठ फिल्म निर्माता राकेश रोशन ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके पार्थिव शरीर को पहले उनके घर पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था, जहां बड़ी संख्या में लोग फूल अर्पित कर और नम आंखों से उन्हें याद कर रहे थे। महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा और राज्य मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने भी श्रद्धांजलि दी।

संगीतकार उत्तम सिंह ने साझा किया एक वाकया
संगीतकार उत्तम सिंह ने उन्हें एक महान कलाकार के साथ-साथ एक उदार दिल इंसान बताया। उन्होंने एक पुरानी याद साझा करते हुए कहा कि एक बार रात करीब 1:30 बजे रिकॉर्डिंग के बाद आशा भोसले ने खुद उनके लिए खाना बनाकर खिलाया था।
उन्होंने कहा, “हम जाने ही वाले थे कि उन्होंने हमें रुकने को कहा। कुछ ही मिनटों में उन्होंने खुद चिकन और चावल बनाकर हमें खिलाया। वह ऐसी ही इंसान थीं।”
भारतीय सिनेमा की अमर आवाज- शाहरुख खान
रविवार को उनके निधन की खबर सामने आते ही पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई। बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान ने भी उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए भारतीय सिनेमा की एक अमर आवाज बताया, जिनके लिए उन्होंने फिल्म दिलवाले दुल्हनिया ले जाएँगे का मशहूर गीत “जरा सा झूम लूं मैं” गाया था।
आशा ताई ने हर शैली में अपनी अलग पहचान बनाई
भारतीय संगीत की सबसे बहुमुखी गायिकाओं में गिनी जाने वाली आशा भोसले ने शास्त्रीय संगीत, ग़ज़ल, कैबरे गीतों से लेकर आधुनिक पॉप तक हर शैली में अपनी अलग पहचान बनाई। उनके नाम सबसे ज्यादा स्टूडियो रिकॉर्डिंग का गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रेकॉर्ड्स में रिकॉर्ड दर्ज है और अपनी बहन लता मंगेशकर के साथ मिलकर उन्होंने हिंदी फिल्म संगीत के स्वर्णिम युग को परिभाषित किया।
वह महान शास्त्रीय गायक और रंगमंच कलाकार पंडित दीनानाथ मंगेशकर की बेटी थीं। उन्होंने कम उम्र में ही संगीत की दुनिया में कदम रखा और आगे चलकर एक बेमिसाल विरासत कायम की।

दुनिया को एक से बढ़कर एक गानों की दी सौगात
संगीतकार आर. डी. बर्मन के साथ उनकी साझेदारी, जिनसे उन्होंने बाद में विवाह भी किया, भारतीय सिनेमा की सबसे यादगार जोड़ियों में से एक मानी जाती है। उनके मशहूर गीतों में “पिया तू अब तो आजा”, “दिल चीज़ क्या है”, “चुरा लिया है तुमने” और “ये मेरा दिल” जैसे कालजयी गीत भी शामिल हैं, जो आज भी लोगों के दिलों में बसे हुए हैं।