Haldi Wala Milk: रात में हल्दी वाला दूध पीने से क्या सच में दूर होती हैं बीमारियां? जानें फायदे और सावधानियां

रात में हल्दी वाला दूध पीने की परंपरा पुरानी है। करक्यूमिन पर हुए शोध में जोड़ों के दर्द और exercise के बाद muscle soreness में संभावित लाभ के संकेत मिले हैं, लेकिन सामान्य हल्दी वाला दूध किसी बीमारी का इलाज नहीं है।

By  Laxman September 28th 2026 05:43 PM

नई दिल्ली: रात में सोने से पहले हल्दी वाला दूध पीने की सलाह भारतीय घरों में लंबे समय से दी जाती रही है। बदलते मौसम, शरीर में दर्द या थकान के दौरान इसे घरेलू उपाय के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। हल्दी में करक्यूमिन (Curcumin) नामक प्रमुख यौगिक पाया जाता है, जिसमें सूजनरोधी और एंटीऑक्सीडेंट गुणों को लेकर शोध हुआ है। हालांकि, यह कहना सही नहीं होगा कि रात में हल्दी वाला दूध किसी बीमारी को पूरी तरह ठीक कर देता है।

उपलब्ध शोध में हल्दी या करक्यूमिन के कुछ संभावित स्वास्थ्य लाभ सामने आए हैं, लेकिन इनके लिए इस्तेमाल की गई मात्रा और फॉर्मुलेशन सामान्य रसोई वाली हल्दी या हल्दी वाले दूध से अलग हो सकते हैं। इसलिए इसे इलाज का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।

जोड़ों के दर्द में मिल सकती है राहत

हल्दी में मौजूद करक्यूमिन अपने संभावित anti-inflammatory प्रभावों के कारण सबसे ज्यादा चर्चा में रहता है। कुछ क्लिनिकल अध्ययनों और systematic reviews में करक्यूमिन या हल्दी के इस्तेमाल से घुटने के ऑस्टियोआर्थराइटिस से जुड़े दर्द और शारीरिक कार्यक्षमता में सुधार के संकेत मिले हैं।

हालांकि, इन अध्ययनों में इस्तेमाल किए गए turmeric extracts या curcumin supplements की मात्रा सामान्य खाने में इस्तेमाल होने वाली हल्दी से अलग थी। इसलिए केवल हल्दी वाला दूध पीने से जोड़ों की बीमारी ठीक होने का दावा नहीं किया जा सकता।

अगर लगातार जोड़ों में दर्द, सूजन या चलने-फिरने में परेशानी रहती है तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

शरीर में सूजन को लेकर क्या कहता है शोध?

करक्यूमिन के anti-inflammatory गुणों को लेकर वैज्ञानिक शोध हुआ है। इसी वजह से हल्दी को पारंपरिक रूप से कई तरह की समस्याओं में इस्तेमाल किया जाता रहा है। लेकिन शरीर में सूजन कई अलग-अलग बीमारियों का लक्षण हो सकती है।

इसलिए केवल हल्दी वाला दूध पीकर लंबे समय से बनी सूजन को नजरअंदाज करना सही नहीं है। अगर सूजन लगातार बनी रहती है, बढ़ रही है या उसके साथ दर्द, बुखार या अन्य लक्षण हैं तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

Exercise के बाद मांसपेशियों की थकान में संभावित फायदा

कुछ अध्ययनों में करक्यूमिन के सेवन और exercise-induced muscle soreness के बीच संभावित संबंध देखा गया है। शोध में व्यायाम के बाद होने वाले मांसपेशियों के दर्द और muscle damage के कुछ संकेतकों में सुधार की संभावना सामने आई है।

लेकिन यहां भी एक जरूरी अंतर है। ऐसे अध्ययनों में इस्तेमाल होने वाले curcumin formulations सामान्य हल्दी वाले दूध के समान नहीं होते। इसलिए इनके परिणामों को सीधे घरेलू हल्दी वाले दूध पर लागू नहीं किया जा सकता।

अपच में हल्दी वाला दूध कितना कारगर?

हल्दी का इस्तेमाल पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में अपच सहित कई पाचन संबंधी समस्याओं के लिए किया जाता रहा है। हालांकि आधुनिक शोध अभी यह साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं है कि रात में हल्दी वाला दूध पीने से अपच निश्चित रूप से ठीक हो जाता है।

कुछ लोगों में हल्दी या करक्यूमिन उलटे पेट खराब, मतली, दस्त या acid reflux जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है। इसलिए अगर हल्दी वाला दूध पीने के बाद पेट में जलन या परेशानी बढ़ती है तो इसका सेवन बंद कर देना चाहिए।

क्या रात में ही पीना जरूरी है?

हल्दी वाले दूध के संभावित लाभों के लिए रात में सोने से पहले इसे पीना जरूरी होने का मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। रात में इसे पीने की परंपरा मुख्य रूप से घरेलू और पारंपरिक इस्तेमाल से जुड़ी है।

इसलिए इसे किसी निश्चित समय पर पीने को बीमारी के इलाज के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। सबसे महत्वपूर्ण बात मात्रा, व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति और किसी मौजूदा बीमारी या दवा के साथ संभावित प्रभाव हैं।

किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए?

सामान्य भोजन मात्रा में हल्दी ज्यादातर लोगों के लिए सुरक्षित मानी जाती है, लेकिन अधिक मात्रा या लंबे समय तक सेवन से कुछ लोगों में पाचन संबंधी दिक्कतें हो सकती हैं। कुछ highly bioavailable curcumin formulations के साथ liver injury की रिपोर्ट भी सामने आई है।

अगर आप नियमित दवाएं लेते हैं, गर्भवती हैं, लिवर या पित्त संबंधी समस्या है या किसी chronic disease का इलाज चल रहा है, तो नियमित रूप से high-dose turmeric/curcumin supplements लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है।

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