इंदौर में आवारा कुत्तों को खाना खिलाने को लेकर बवाल, दो गुटों में हिंसक झड़प
इंदौर, मध्य प्रदेश: इंदौर के उषा नगर क्षेत्र में रविवार रात दो गुटों के बीच हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। घटना के दौरान करीब 100 से 200 लोगों की भीड़ जमा हो गई, जिसके बाद पुलिस ने हत्या के प्रयास (अटेम्प्ट टू मर्डर) की धारा में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अन्नपूर्णा संभाग के सहायक पुलिस आयुक्त शिवेंदु जोशी ने बताया कि पुलिस को रात में उषा नगर क्षेत्र में दो गुटों के बीच विवाद की सूचना मिली थी। शुरुआत में कहासुनी हुई, जो बाद में मारपीट में बदल गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, जहां बड़ी संख्या में लोग एकत्र थे।
उन्होंने बताया कि मेडिकल जांच के बाद एक पक्ष की शिकायत पर हत्या के प्रयास की धारा में एफआईआर दर्ज की गई। शिकायतकर्ता जयंती अग्र ने छह से सात लोगों को नामजद किया है। वहीं दूसरे पक्ष ने भी शिकायत दी है, जिसकी जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार घटना के दौरान पथराव की भी जानकारी सामने आई है। इस संबंध में भी आवेदन प्राप्त हुआ है और कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
घर में घुसकर दोपहिया वाहन में भी की तोड़फोड़
इस बीच अधिवक्ता शानू दिघे ने आरोप लगाया कि चेतन पाटिल, सुयश अग्र, परमवीर राठौर, नितेश, धीरज और उनके 50 से 70 समर्थक उनके घर में घुस आए और बाहर खड़े दो वाहनों को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों ने घर के अंदर घुसकर दोपहिया वाहन में भी तोड़फोड़ की। वहीं, DCP (इंदौर ज़ोन-1) नरेंद्र सिंह रावत ने जानकारी देते हुए बताया, "यह घटना कल देर रात करीब 3 बजे मल्हारगंज और सदर बाज़ार इलाकों में हुई। CCTV फुटेज में दो युवक एक सफ़ेद स्कूटी पर पार्क किए गए दो-पहिया वाहनों को गिराते हुए दिख रहे हैं, जबकि एक और युवक चार-पहिया वाहनों की खिड़कियां तोड़ते हुए देखा जा सकता है।"
इसके आगे उन्होंने बताया कि जांच के लिए एक टीम बनाई गई और फुटेज देखने के बाद एक नाबालिग की पहचान की गई। दोनों युवकों द्वारा इस्तेमाल की गई सफ़ेद स्कूटी बरामद कर ली गई है, उनके घर का पता लगा लिया गया है और उनके माता-पिता से संपर्क किया गया है; युवकों की तलाश जारी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। शुरुआती पूछताछ से पता चलता है कि वे नशे में थे—वे रात 3 बजे नशे की हालत में आए थे—और तोड़फोड़ शुरू कर दी; इसके अलावा कोई और मकसद साफ़ नहीं है।
आवारा कुत्तों को खाना खिलाने को लेकर हुआ था विवाद
शानू दिघे ने कहा कि वह आरोपियों को व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते, लेकिन यह पूरा विवाद वीरेंद्र शेंडगे से जुड़ा है। उनके अनुसार आवारा कुत्तों को खाना खिलाने को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद बदले की भावना से उन पर हमला किया गया।
उन्होंने दावा किया कि नितेश के साथ कुत्तों को खाना खिलाने को लेकर बहस हुई थी। इसके बाद उसने अपने साथियों को बुलाया और वीरेंद्र शेंडगे पर हमला कर दिया। शानू दिघे के अनुसार वीरेंद्र शेंडगे विधानसभा क्षेत्र प्रभारी हैं और वह उनके परिचित हैं। पुलिस ने कहा है कि दोनों पक्षों की शिकायतों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।