BJP State In-Charge List: तावड़े को UP, राम माधव को उत्तराखंड तो पूनिया को पंजाब की जिम्मेदारी, 36 राज्यों में संगठन का फेरबदल
भारतीय जनता पार्टी ने संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए प्रभारी और सह-प्रभारियों की नई जिम्मेदारियां घोषित की हैं। दिए गए विवरण के मुताबिक विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश, राम माधव को उत्तराखंड और सतीश पूनिया को पंजाब की जिम्मेदारी दी गई है। यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब कई राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर संगठनात्मक तैयारियां तेज हैं।
नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी ने अपने संगठनात्मक ढांचे में बड़ा फेरबदल करते हुए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए प्रभारी और सह-प्रभारियों की नई जिम्मेदारियां घोषित की हैं। पार्टी की ओर से जारी सूची में 36 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए संगठनात्मक जिम्मेदारियां बांटी गई हैं।
दिए गए विवरण के अनुसार, उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी विनोद तावड़े, उत्तराखंड की कमान राम माधव और पंजाब का प्रभार सतीश पूनिया को दिया गया है। इन नियुक्तियों के जरिए पार्टी ने अलग-अलग राज्यों में संगठन और राजनीतिक गतिविधियों की निगरानी के लिए वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी है।
हालांकि, अगस्त 2026 में BJP की ओर से जारी पहले चरण की आधिकारिक घोषणा में विनोद तावड़े को UP और सतीश पूनिया को पंजाब का प्रभारी बनाया गया था, जबकि अन्य राज्यों के प्रभारी बाद में घोषित किए जाने की बात कही गई थी।
UP में विनोद तावड़े के सामने बड़ी संगठनात्मक जिम्मेदारी
उत्तर प्रदेश भाजपा के लिए सबसे महत्वपूर्ण राज्यों में शामिल है। 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए पार्टी संगठन पहले से ही तैयारियों में जुटा है।
विनोद तावड़े को UP का प्रभारी बनाए जाने के बाद उन्होंने राज्य में संगठनात्मक बैठकों का दौर भी शुरू किया। सितंबर में उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की और संगठन की तैयारियों पर चर्चा की।
तावड़े के सामने राज्य संगठन में समन्वय, बूथ स्तर की तैयारियों और चुनावी गतिविधियों को लेकर काम करने की जिम्मेदारी रहेगी। BJP की ओर से UP में संगठन को मजबूत करने पर लगातार जोर दिया जा रहा है।
पंजाब में सतीश पूनिया को कमान
पंजाब में भाजपा ने राष्ट्रीय महासचिव सतीश पूनिया को प्रभारी बनाया है। अगस्त में उनकी नियुक्ति की घोषणा करते हुए पार्टी ने कहा था कि यह जिम्मेदारी तत्काल प्रभाव से लागू होगी।
पंजाब में भी 2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा की संगठनात्मक गतिविधियां बढ़ी हैं। ऐसे में राज्य प्रभारी के तौर पर पूनिया की भूमिका पार्टी के संगठनात्मक कार्यक्रमों और चुनावी तैयारियों के समन्वय से जुड़ी होगी।
उत्तराखंड और दूसरे राज्यों में भी जिम्मेदारियां
दिए गए विवरण में उत्तराखंड के लिए राम माधव का नाम प्रभारी के तौर पर बताया गया है। इसके अलावा कई राज्यों में प्रभारी के साथ सह-प्रभारियों की नियुक्ति की गई है।
सूची के मुताबिक:
- अंडमान-निकोबार: जय प्रकाश
- अरुणाचल प्रदेश: डॉ. देवेश कुमार
- आंध्र प्रदेश: डॉ. अरविंद भदौरिया; सह-प्रभारी वनथी श्रीनिवासन
- असम: मंगल पांडे; सह-प्रभारी फांग्नोन कोन्याक और मनोज टिग्गा
- बिहार: हरीश द्विवेदी; सह-प्रभारी संगीता यादव और रोहन गुप्ता
- चंडीगढ़: महेंद्र पांडे
- छत्तीसगढ़: स्मृति ईरानी; सह-प्रभारी सिद्धार्थ शंभू
- दिल्ली: विनय सहस्त्रबुद्धे; सह-प्रभारी जामयांग त्सेरिंग नामग्याल और दर्शना जरदोश
- गोवा: भारती प्रवीण पवार; सह-प्रभारी अनिल एंटनी
- गुजरात: तरुण चुघ; सह-प्रभारी अजय महावर और गोमती साई
- हरियाणा: स्मृति ईरानी; सह-प्रभारी डॉ. भोला सिंह
- हिमाचल प्रदेश: श्रीकांत शर्मा; सह-प्रभारी दर्शना सिंह
- जम्मू-कश्मीर: सतीश पूनिया; सह-प्रभारी रीना कश्यप
- झारखंड: गजेंद्र पटेल; सह-प्रभारी निवेदिता सिंह
- कर्नाटक: हरीश द्विवेदी; सह-प्रभारी कसम वेंकटेश्वरलू
- केरल: एम. नागराजा; सह-प्रभारी एम. वेंकटेशन
- लद्दाख: राजकुमार भाटिया
- लक्षद्वीप: जॉर्ज कुरियन
यह सूची पार्टी के विभिन्न राज्यों में संगठनात्मक जिम्मेदारियों के नए बंटवारे को दर्शाती है।
आगामी चुनावों से पहले संगठन पर जोर
BJP का यह संगठनात्मक फेरबदल ऐसे समय में हुआ है जब उत्तर प्रदेश और पंजाब समेत कई राज्यों में आगामी चुनावों की तैयारियां महत्वपूर्ण चरण में हैं। अगस्त में BJP ने अपने राष्ट्रीय पदाधिकारियों में भी बड़ा बदलाव किया था। इसके बाद चुनावी राज्यों के लिए प्रभारी नियुक्त किए गए।
राज्य प्रभारी पार्टी और राज्य संगठन के बीच समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे संगठनात्मक बैठकों, चुनावी तैयारियों, स्थानीय नेतृत्व के साथ तालमेल और केंद्रीय नेतृत्व के निर्देशों के क्रियान्वयन की निगरानी करते हैं।
UP में तावड़े, पंजाब में पूनिया और अन्य राज्यों में नियुक्त नेताओं के सामने अब संगठन को चुनावी स्तर पर सक्रिय रखने की जिम्मेदारी होगी।
फिलहाल नई नियुक्तियों का सबसे बड़ा असर पार्टी के संगठनात्मक कामकाज में दिखाई देगा। आने वाले महीनों में इन नेताओं की गतिविधियां और राज्य संगठनों के साथ उनका समन्वय BJP की चुनावी तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेगा।