Assam Politics: ‘मामा अच्छा है, ऐसे और स्कूल बनाइए’, CJP ने पहली बार BJP सरकार के स्कूल की तारीफ की
Assam Politics में CJP नेता आशुतोष रांका ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के साझा किए गए सरकारी स्कूल के वीडियो की तारीफ की। उन्होंने स्कूल की सुविधाओं को अच्छा बताते हुए राज्य में ऐसे और स्कूल बनाने की अपील की।
असम की राजनीति में इन दिनों सरकारी स्कूलों को लेकर एक अलग तरह की चर्चा देखने को मिल रही है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की ओर से साझा किए गए एक सरकारी स्कूल के वीडियो की तारीफ की है। रांका ने स्कूल की सुविधाओं को अच्छा बताते हुए मुख्यमंत्री से ऐसे और स्कूल तैयार कराने की अपील की।
खास बात यह है कि CJP अपने ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत अलग-अलग राज्यों के सरकारी स्कूलों की सुविधाओं और बुनियादी ढांचे को लेकर सवाल उठाती रही है। ऐसे में असम के एक सरकारी स्कूल की सार्वजनिक रूप से तारीफ करना पार्टी के अभियान के बीच चर्चा का विषय बन गया है।
हिमंत के वीडियो पर रांका की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर असम के एक सरकारी स्कूल का वीडियो साझा किया था। वीडियो में स्कूल की इमारत के साथ-साथ कक्षाओं, कंप्यूटर लैब और अन्य सुविधाओं को दिखाया गया।
CJP नेता आशुतोष रांका ने मुख्यमंत्री की पोस्ट को शेयर करते हुए स्कूल की सुविधाओं की तारीफ की। उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए कहा कि स्कूल अच्छा है और राज्य में ऐसे और स्कूल बनाए जाने चाहिए।
रांका ने इसके साथ ही दिसपुर और रामपुर के स्कूलों का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, उन्होंने इन दोनों स्कूलों का दौरा किया था और वहां की स्थिति बेहतर किए जाने की जरूरत है।
रांका का कहना था कि असम के हर बच्चे को अच्छी गुणवत्ता वाली शिक्षा और बेहतर स्कूल सुविधाएं मिलनी चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री भी इस आवश्यकता से सहमत होंगे।
CJP के ‘School Theek Karo’ अभियान का क्या है मकसद?
कॉकरोच जनता पार्टी पिछले कुछ समय से ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान चला रही है। इस अभियान के तहत पार्टी के कार्यकर्ता सरकारी स्कूलों की स्थिति का जायजा लेने और वहां उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को सामने लाने का दावा करते हैं।
इस अभियान की शुरुआत महाराष्ट्र के हिंगोली जिले से हुई थी। पार्टी ने सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं, भवनों, पानी, शौचालय और विद्यार्थियों से जुड़ी समस्याओं को मुद्दा बनाया है।
अभियान के दौरान CJP की टीम ने अलग-अलग राज्यों में स्कूलों का दौरा किया है। राजस्थान में पार्टी कार्यकर्ताओं के स्कूल निरीक्षण के दौरान विवाद भी सामने आया था, जहां ग्रामीणों और CJP कार्यकर्ताओं के बीच विरोध की स्थिति बनी थी।
पार्टी ने बाद में इस अभियान का दायरा आदिवासी इलाकों के सरकारी स्कूलों तक बढ़ाने की भी घोषणा की।
BJP शासित राज्य के स्कूल की तारीफ क्यों महत्वपूर्ण?
CJP का अभियान सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर सरकारों से सवाल पूछने पर केंद्रित है। ऐसे में असम के मुख्यमंत्री द्वारा साझा किए गए स्कूल की सुविधाओं की तारीफ करना इस अभियान के भीतर एक अलग संदेश देता है।
रांका ने स्कूल की तारीफ करते हुए इसे केवल राजनीतिक बयान के रूप में नहीं रखा, बल्कि अन्य स्कूलों में भी ऐसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की अपील की। उनका जोर इस बात पर रहा कि अगर किसी सरकारी स्कूल में बेहतर भवन, कंप्यूटर लैब और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं, तो ऐसी व्यवस्था दूसरे सरकारी स्कूलों तक भी पहुंचनी चाहिए।
हालांकि, यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि एक स्कूल के वीडियो के आधार पर पूरे राज्य के सरकारी स्कूलों की स्थिति का आकलन नहीं किया जा सकता। CJP अपने अभियान में अलग-अलग स्कूलों की जमीनी स्थिति को लेकर अलग दावे करती रही है।
असम में CJP और सरकार के बीच पहले भी हुआ विवाद
रांका की स्कूल की तारीफ ऐसे समय आई है जब कुछ दिन पहले ही असम में CJP के नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया था।
27 सितंबर को गुवाहाटी में CJP के एक क्षेत्रीय स्वयंसेवक कार्यक्रम से पहले आशुतोष रांका समेत पार्टी के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया था। CJP ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाए थे और इसे अपने अभियान से जोड़कर देखा था।
रांका ने उस दौरान असम सरकार पर कई आरोप लगाए थे। हालांकि ये CJP की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं और इन्हें स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जा सकता।
इसी पृष्ठभूमि में मुख्यमंत्री की ओर से साझा किए गए स्कूल की तारीफ करना और उनसे ऐसे और स्कूल बनाने की अपील करना पार्टी और असम सरकार के बीच चल रही राजनीतिक बयानबाजी से अलग एक सकारात्मक टिप्पणी के रूप में सामने आया है।
छात्रों और शिक्षा पर फोकस का दावा
CJP का कहना है कि उसका अभियान छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक चर्चा के केंद्र में लाने की कोशिश है। पार्टी सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति का जायजा लेने और संबंधित समस्याओं को सार्वजनिक करने पर जोर दे रही है।
आशुतोष रांका की असम वाली टिप्पणी भी इसी व्यापक अभियान के संदर्भ में देखी जा सकती है। एक तरफ पार्टी खराब स्कूलों और सुविधाओं की कमी को लेकर सवाल उठा रही है, वहीं दूसरी तरफ जहां उसे बेहतर सुविधाएं दिखाई दे रही हैं, वहां उनकी सार्वजनिक रूप से तारीफ भी कर रही है।
अब देखना यह होगा कि CJP का ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान असम समेत अन्य राज्यों में आगे किस तरह बढ़ता है और सरकारी स्कूलों की सुविधाओं को लेकर पार्टी किन मुद्दों को उठाती है।