SIR खत्म होने वाले राज्यों में Form 6 से हटाया Annexure-D, नए वोटरों को बड़ी राहत
चुनाव आयोग ने उन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ऑनलाइन Form 6 से SIR से जुड़ा अतिरिक्त Annexure-D हटा दिया है, जहां Special Intensive Revision की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब नए मतदाताओं को सामान्य Form 6 के जरिए पंजीकरण कराना होगा।
नई दिल्ली: मतदाता पंजीकरण को लेकर चुनाव आयोग ने Form 6 से जुड़े नियमों में अहम बदलाव किया है। आयोग ने उन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ऑनलाइन Form 6 के साथ मांगा जा रहा SIR से संबंधित अतिरिक्त घोषणा पत्र यानी Annexure-D हटा दिया है, जहां Special Intensive Revision (SIR) की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इस बदलाव के बाद नए मतदाताओं के लिए वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने की प्रक्रिया पहले की तुलना में सरल हो गई है।
Form 6 का इस्तेमाल नए मतदाता के रूप में निर्वाचन सूची में नाम दर्ज कराने के लिए किया जाता है। चुनाव आयोग के आधिकारिक मतदाता सेवा पोर्टल पर भी Form 6 को नए मतदाता पंजीकरण के लिए निर्धारित किया गया है।
क्या बदला है?
SIR प्रक्रिया के दौरान नए मतदाताओं के Form 6 के साथ एक अलग घोषणा पत्र लिया जा रहा था। इसमें आवेदक से उसके या उसके परिवार के पुराने मतदाता रिकॉर्ड से संबंधित जानकारी मांगी जाती थी। खास तौर पर पुराने SIR रिकॉर्ड से आवेदक या उसके माता-पिता अथवा दादा-दादी/नाना-नानी के संबंध की जानकारी देने की व्यवस्था थी।
अब जहां SIR पूरा हो चुका है, वहां इस अतिरिक्त प्रक्रिया को Form 6 से हटा दिया गया है। यानी ऐसे क्षेत्रों में नया वोट बनवाने वाले व्यक्ति को सामान्य वैधानिक Form 6 भरना होगा।
विवाद के बाद आया बदलाव
Form 6 के साथ अतिरिक्त घोषणा पत्र जोड़ने को लेकर हाल के दिनों में चुनाव आयोग के भीतर भी चर्चा हुई थी। आयोग ने पहले स्पष्ट किया था कि मूल Form 6 में कोई बदलाव नहीं किया गया है और SIR के निर्देशों के तहत अतिरिक्त घोषणा को अलग से जोड़ा गया था।
इसके बाद 26 सितंबर को आयोग की ओर से SIR और उससे जुड़े विभिन्न मुद्दों पर कई स्पष्टीकरण दिए गए। आयोग ने कहा था कि SIR अवधि के दौरान लागू घोषणा और सामान्य अवधि में लागू वैधानिक फॉर्म के बीच अंतर रहेगा। PIB की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, गैर-SIR अवधि में Registration of Electors Rules, 1960 के अनुसार निर्धारित फॉर्म इस्तेमाल किए जाएंगे।
अब 30 सितंबर को SIR पूरा कर चुके क्षेत्रों के ऑनलाइन Form 6 से संबंधित अतिरिक्त घोषणा को हटाए जाने की जानकारी सामने आई है।
नए मतदाताओं के लिए क्या मायने?
इस बदलाव का सीधा संबंध उन लोगों से है जो पहली बार मतदाता के तौर पर अपना नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन कर रहे हैं। सामान्य Form 6 में आवेदन के लिए जरूरी व्यक्तिगत और पात्रता संबंधी जानकारी दी जाती है। SIR से जुड़े अतिरिक्त पुराने चुनावी रिकॉर्ड की जानकारी गैर-SIR क्षेत्रों में अब Form 6 के साथ नहीं मांगी जाएगी।
इससे खास तौर पर ऐसे नए आवेदकों के लिए प्रक्रिया स्पष्ट होगी जिनके परिवार का पुरानी मतदाता सूची से रिकॉर्ड जोड़ना आसान नहीं था। हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि मतदाता पंजीकरण की अन्य पात्रता और दस्तावेजी आवश्यकताएं समाप्त हो गई हैं। आवेदन अभी भी लागू चुनावी नियमों के अनुसार जांच और सत्यापन के अधीन रहेगा।
SIR वाले क्षेत्रों में क्या होगा?
यह बदलाव सभी जगह एक समान तरीके से लागू नहीं माना जाना चाहिए। जिन क्षेत्रों में SIR प्रक्रिया चल रही है, वहां SIR से जुड़े निर्देशों के तहत अतिरिक्त घोषणा की व्यवस्था लागू हो सकती है। वहीं SIR पूरा हो चुके क्षेत्रों में सामान्य Form 6 व्यवस्था बहाल की जा रही है।
चुनाव आयोग ने साथ ही ECINET प्रणाली की समीक्षा के लिए भी व्यवस्था की है। PIB के अनुसार, एक समिति ECINET की कार्यप्रणाली की समीक्षा करेगी ताकि पोर्टल की व्यवस्था संबंधित कानून और नियमों के अनुरूप रहे।
Form 6 कहां भरें?
नए मतदाता आधिकारिक Voters' Services Portal के माध्यम से Form 6 के लिए आवेदन कर सकते हैं। चुनाव आयोग के पोर्टल पर नए मतदाता पंजीकरण के लिए Form 6 की सुविधा उपलब्ध है।
इस तरह, SIR पूरा हो चुके क्षेत्रों में अब नए मतदाता सामान्य Form 6 के जरिए आवेदन कर सकेंगे, जबकि SIR से गुजर रहे क्षेत्रों में संबंधित प्रक्रिया और निर्देशों को देखना जरूरी होगा।