ऊर्जा संकट के बीच सरकार ने दी राहत, अब पेट्रोल पंपों से मिलेगा केरोसिन...
नई दिल्ली: सरकार ने वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित कर रही वर्तमान भू-राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत सुपीरियर केरोसिन ऑयल (SKO) के वितरण की अनुमति दी है। इस कदम का उद्देश्य उन क्षेत्रों में खाना पकाने और रोशनी की जरूरतों को पूरा करना है, जहां सामान्य परिस्थितियों में केरोसिन का उपयोग बंद कर दिया गया था।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने केरोसिन-मुक्त राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में नामित पेट्रोल पंपों को घरेलू उपयोग के लिए सुपीरियर केरोसिन ऑयल के भंडारण और वितरण की अनुमति दी है। इस फैसले का उद्देश्य उन इलाकों में सहायता प्रदान करना है जहां पहले केरोसिन का उपयोग समाप्त कर दिया गया था।
कुछ लाइसेंसिंग आवश्यकताओं से छूट दी गई
मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, प्रत्येक जिले में अधिकतम दो पेट्रोल पंप—विशेष रूप से सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों के स्वामित्व वाले—पांच हजार लीटर तक केरोसिन का भंडारण कर सकेंगे। तेज वितरण सुनिश्चित करने के लिए डीलरों और ट्रांसपोर्टरों को कुछ लाइसेंसिंग आवश्यकताओं से छूट दी गई है, जबकि सुरक्षा और निगरानी के नियम यथावत लागू रहेंगे।

यह व्यवस्था केवल घरेलू उपयोग के लिए होगी सीमित
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था केवल घरेलू उपयोग (खाना पकाने और रोशनी) के लिए केरोसिन तक ही सीमित होगी। यह 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों—जिनमें दिल्ली, उत्तर प्रदेश, गुजरात और राजस्थान शामिल हैं—में लागू होगी। यह अधिसूचना तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है और 60 दिनों तक या अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी।