मन की बात: कारपूलिंग से लेकर सोना खरीदने तक, जनता ने निभाई पीएम की अपील...

कोटक नियो के वरिष्ठ प्रबंधक (कमोडिटी रिसर्च) ऋतेश कुमार साहू ने कहा कि हाल में गिरावट के बाद स्पॉट गोल्ड में कुछ सुधार जरूर हुआ है, लेकिन समग्र रुझान अभी भी कमजोर बना हुआ है।

By  Preeti Kamal June 28th 2026 12:40 PM -- Updated: June 28th 2026 11:58 AM

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध जैसे हालात के बीच देशवासियों से की गई उनकी अपीलों को लोगों ने न केवल समर्थन दिया, बल्कि उन्हें व्यवहार में भी अपनाया है। उन्होंने इसके लिए देशवासियों का आभार व्यक्त किया।

अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 135वें एपिसोड को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, "पश्चिम एशिया में मौजूदा युद्ध जैसी स्थिति को देखते हुए मैंने देशवासियों से कुछ आग्रह किए थे। मैंने उनसे कहा था कि जहां तक संभव हो, कुछ समय के लिए सोना खरीदने से बचें। मैं देश के हर नागरिक का आभारी हूं कि उन्होंने मेरी अपील का न केवल समर्थन किया, बल्कि हर स्तर पर सहयोग भी किया।"

वर्क फ्रॉम होम, स्वदेशी अपनाने, सोने की खरीद सीमित करने की अपील

गौरतलब है कि इस वर्ष पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री ने लोगों से वर्क फ्रॉम होम को प्राथमिकता देने, ईंधन की बचत करने, एक वर्ष तक विदेश यात्रा टालने, स्वदेशी उत्पाद अपनाने, खाद्य तेल की खपत कम करने, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और सोने की खरीद सीमित करने की अपील की थी।

प्रधानमंत्री ने बताया कि लोगों ने इन सुझावों को गंभीरता से अपनाया है और अपने अनुभव उन्हें संदेशों के माध्यम से साझा किए हैं। उन्होंने कहा, "कई परिवारों ने मुझे अपने अनुभव भेजे हैं। लोगों ने कारपूलिंग को अपनाया है। जो लोग पहले एक ही दिशा में अलग-अलग वाहनों से यात्रा करते थे, अब वे साथ मिलकर सफर कर रहे हैं।"

लोगों ने नया सोना खरीदने का फैसला टाला

सोने की खरीद पर उन्होंने कहा कि कई परिवारों ने इस बार शादी-ब्याह के लिए नया सोना खरीदने का फैसला टाल दिया है। जरूरत पड़ने पर वे पुराने सोने को रीसायकल कर नए आभूषण बनवा रहे हैं। वहीं कई लोगों ने सोशल मीडिया पर बताया कि उन्होंने अपनी विदेश यात्राएं भी फिलहाल स्थगित कर दी हैं।

कुछ समय तक सोने की कीमतों पर दबाव की संभावना

इस बीच बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के कारण अगले कुछ समय तक सोने की कीमतों पर दबाव बना रह सकता है। निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति, महंगाई, अमेरिकी डॉलर और भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर बनी हुई है।

कोटक नियो के वरिष्ठ प्रबंधक (कमोडिटी रिसर्च) ऋतेश कुमार साहू ने कहा कि हाल में गिरावट के बाद स्पॉट गोल्ड में कुछ सुधार जरूर हुआ है, लेकिन समग्र रुझान अभी भी कमजोर बना हुआ है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी डॉलर की मजबूती, रोजगार के बेहतर आंकड़े और ब्याज दरों को लेकर फेडरल रिजर्व की संभावित सख्ती सोने की कीमतों पर दबाव बनाए हुए है।

© Copyright Galactic Television & Communications Pvt. Ltd. 2026. All rights reserved.