मध्य पूर्व में तनाव कम होने और अमेरिका-ईरान के बीच बनी सहमति का असर अब भारत में भी दिखाई देने लगा है। होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही सामान्य होने के बाद केंद्र सरकार ने एलपीजी आपूर्ति को लेकर बड़ा फैसला लिया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने नॉन-डोमेस्टिक (कमर्शियल) पैक्ड एलपीजी पर लगाई गई सभी अस्थायी पाबंदियों को हटा दिया है। इससे होटल, रेस्टोरेंट, कैटरिंग, छोटे उद्योगों और अन्य व्यावसायिक उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
हाल के दिनों में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं के हितों को प्राथमिकता देते हुए कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति पर कुछ अस्थायी प्रतिबंध लगाए थे। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि किसी भी परिस्थिति में घरेलू गैस उपभोक्ताओं को एलपीजी की कमी का सामना न करना पड़े।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने जारी किया आदेश
पेट्रोलियम मंत्रालय के सचिव **डॉ. नीरज मित्तल** द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि पश्चिम एशिया संकट के दौरान आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव को देखते हुए कमर्शियल पैक्ड एलपीजी की सप्लाई सीमित की गई थी। अब जब होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही बढ़ गई है और आपूर्ति की स्थिति सामान्य हो रही है, तब सरकार ने नॉन-डोमेस्टिक पैक्ड एलपीजी की सप्लाई पर सभी सेक्टर-आधारित पाबंदियां समाप्त करने का निर्णय लिया है।
आदेश के अनुसार, कमर्शियल पैक्ड एलपीजी की आपूर्ति को संकट से पहले के स्तर पर बहाल किया जाएगा, जिससे विभिन्न उद्योगों और सेवा क्षेत्रों को पहले की तरह नियमित गैस उपलब्ध हो सकेगी।
In a major relief to industrial and commercial LPG consumers, the Government has removed all sectoral restrictions on the supply of Non-Domestic Packed LPG and restored supplies to the levels prevailing prior to the West Asia crisis. Further, the supply of bulk LPG, which had… pic.twitter.com/CyhdnnrxS2
— ANI (@ANI) June 25, 2026
बल्क LPG को भी मिली राहत
सरकार ने केवल कमर्शियल पैक्ड एलपीजी पर ही राहत नहीं दी है, बल्कि बल्क एलपीजी की सप्लाई में भी ढील देने का फैसला किया है। मंत्रालय के निर्देशों के मुताबिक, बल्क एलपीजी की आपूर्ति पर लगी पाबंदियों में संकट से पहले के उपभोग स्तर के **50 प्रतिशत तक** राहत दी गई है। इससे बड़े औद्योगिक उपभोक्ताओं और व्यावसायिक संस्थानों को भी फायदा मिलेगा।
कारोबारियों को मिलेगी बड़ी राहत
कमर्शियल एलपीजी का इस्तेमाल सबसे अधिक होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों, बेकरी, मिठाई की दुकानों और छोटे उद्योगों में होता है। प्रतिबंध हटने के बाद इन क्षेत्रों में गैस की नियमित आपूर्ति बहाल होगी, जिससे संचालन पर पड़ रहा दबाव कम होगा और कारोबार सामान्य गति से आगे बढ़ सकेगा।
सरकार की प्राथमिकता रही घरेलू आपूर्ति
सरकार ने स्पष्ट किया है कि संकट के दौरान उसकी पहली प्राथमिकता घरेलू उपभोक्ताओं तक बिना किसी बाधा के एलपीजी उपलब्ध कराना था। इसी कारण कमर्शियल आपूर्ति पर अस्थायी नियंत्रण लगाया गया था। अब अंतरराष्ट्रीय हालात में सुधार और ऊर्जा आपूर्ति सामान्य होने के बाद इन प्रतिबंधों को हटाने का निर्णय लिया गया है।
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में हालात स्थिर बने रहते हैं, तो आने वाले समय में भारत की ऊर्जा आपूर्ति और बाजार की स्थिति और मजबूत होगी। फिलहाल सरकार वैश्विक घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है ताकि आवश्यकता पड़ने पर समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
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